सवालों के घेरे में वर्ष की पहली लोक अदालत, अव्यवस्था और खानापूर्ति के लगे आरोप
- Post By Admin on Mar 15 2026
लखीसराय : जिले में आयोजित वर्ष की पहली लोक अदालत को लेकर अव्यवस्था और खानापूर्ति के आरोप सामने आए हैं। अधिवक्ता रजनीश कुमार ने आरोप लगाया है कि लोक अदालत के दौरान वास्तविक पक्षकार पूरे दिन इधर-उधर भटकते रहे, जबकि कई ऐसे मामलों को लोक अदालत में निष्पादित दिखा दिया गया जो पहले ही नियमित न्यायालय में समझौते के आधार पर निपटाए जा चुके थे।
अधिवक्ता के अनुसार कुछ बैंकों ने भी अपने स्तर पर बैंक में हुए समझौते को ही लोक अदालत के माध्यम से निष्पादित दर्शाकर आंकड़ों की औपचारिकता पूरी कर ली। उनका कहना है कि इससे यह प्रतीत होता है कि लोक अदालत को न्याय दिलाने के मंच के बजाय केवल वसूली का माध्यम बना दिया गया है।
उन्होंने बताया कि नियम के अनुसार लोक अदालत में बिना वकील और बिना फीस के विवादों का समाधान होना चाहिए, लेकिन यहां स्थिति इसके विपरीत दिखाई दी। पक्षकारों और अधिवक्ताओं ने महीनों तक समय और श्रम लगाया, इसके बावजूद पहले से निष्पादित मामलों का ही पंचाट तैयार कर दिया गया।
रजनीश कुमार ने कहा कि न्यायालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज पूरे घटनाक्रम के प्रमाण हैं, जो लोक अदालत की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करते हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता भी जताई है।