लखीसराय में डालसा की पहल: स्कूली बच्चों को मिला सुरक्षित बचपन और पॉक्सो कानून का पाठ

  • Post By Admin on Oct 30 2026
लखीसराय में डालसा की पहल: स्कूली बच्चों को मिला सुरक्षित बचपन और पॉक्सो कानून का पाठ

लखीसराय : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा), नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (बालसा), पटना के निर्देशानुसार लखीसराय जिले के विभिन्न विद्यालयों में 'सुरक्षित बचपन अभियान' के तहत जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह विशेष अभियान माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, लखीसराय श्री सैयद मोहम्मद शब्बीर आलम के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है।

अभियान के अंतर्गत वी. डी. डेफोडिल्स कान्वेंट स्कूल, उच्च माध्यमिक विद्यालय (बिलोरी), बालिका विद्यापीठ, मध्य विद्यालय (हसनपुर) तथा प्रज्ञा विद्या विहार पब्लिक स्कूल सहित कई शिक्षण संस्थानों में बच्चों को पॉक्सो अधिनियम 2012 तथा बाल अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। विभिन्न विद्यालयों में न्यायिक पदाधिकारियों ने स्वयं उपस्थित होकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।

प्रज्ञा विद्या विहार पब्लिक स्कूल में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), लखीसराय के सचिव विधानन्द सागर, पैनल अधिवक्ता अभय कुमार, बाल कल्याण समिति के सदस्य, कवच परियोजना सेंटर डायरेक्ट के अभिसरण विशेषज्ञ प्रसून कुणाल, विद्यालय के निदेशक, शिक्षकगण तथा पीएलबी पंकज भारती मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस अभियान को मुख्य रूप से छह प्रमुख थीम पर केंद्रित किया गया, जिनमें 'मेरा बचपन मेरा अधिकार', 'कानून जानो बचपन बचाओ', 'सुरक्षित क्लिक सुरक्षित बचपन' (साइबर सुरक्षा), 'बोलो, बताओ, बचाओ', 'ना बाल विवाह, ना बाल शोषण' और 'जागरूक बचपन सशक्त भारत' शामिल हैं। वक्ताओं ने इन सभी विषयों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बच्चों को किसी भी प्रकार के शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान जागरूकता गीतों की प्रस्तुति दी गई। साथ ही यह जानकारी दी गई कि बच्चों में संवेदनशीलता और समझ बढ़ाने के लिए नुक्कड़ नाटक, पेंटिंग प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता और मानव श्रृंखला जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं। डालसा सचिव विधानन्द सागर ने बताया कि सुरक्षित बचपन अभियान जिले के सभी विद्यालयों में व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि 31 अक्टूबर 2026 तक इस अभियान के पहले चरण (फेज वन) के सभी निर्धारित कार्यक्रमों को पूरा कर लिया जाएगा।