सरदार पटेल जयंती पर पर्यावरण भारती की पहल, आठ पौधे लगाकर दिया हरियाली का संदेश
- Post By Admin on Oct 31 2026
लखीसराय : राष्ट्रीय एकता दिवस और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर पर्यावरण भारती की ओर से चानन प्रखंड के बिछवे में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पीपल, बरगद, गूलर, पाकड़, कदंब और तुलसी के कुल आठ पौधे लगाए गए। कार्यक्रम का नेतृत्व पर्यावरण प्रहरी हिमालय ने किया।
इस अवसर पर पर्यावरण भारती के संस्थापक राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि संगठन वर्ष 2008 से लगातार वृक्षारोपण अभियान चला रहा है। उनके अनुसार, अब तक संगठन की ओर से 1,25,913 पौधे लगाए जा चुके हैं। इनमें से लगभग 80 प्रतिशत पौधे विकसित होकर पेड़ बन चुके हैं और लोगों को प्राकृतिक ऑक्सीजन, छाया, फल, फूल तथा औषधीय लाभ प्रदान कर रहे हैं। शाण्डिल्य ने कहा कि जन्मदिन, पुण्य स्मृति और वर्षगांठ जैसे अवसरों पर पौधारोपण को बढ़ावा देना चाहिए। पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को इस दिशा में पहल करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण से ग्लोबल वार्मिंग, भूस्खलन, वज्रपात, चक्रवात और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
कार्यक्रम के दौरान राम बिलास शाण्डिल्य ने सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन और देश के लिए उनके योगदान को भी याद किया। उन्होंने बताया कि पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में एक किसान परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम झावेरभाई पटेल और माता का नाम लाडबाई था। बचपन से ही साहसी और दृढ़ निश्चयी रहे पटेल ने इंग्लैंड से बैरिस्टर की पढ़ाई पूरी करने के बाद अहमदाबाद में वकालत शुरू की। उन्होंने बताया कि वर्ष 1918 में गुजरात के खेड़ा क्षेत्र में किसानों की खराब फसल के बावजूद लगान वसूली के विरोध में पटेल ने आंदोलन का नेतृत्व किया। किसानों के हित में उनके संघर्ष और नेतृत्व के कारण उन्हें ‘सरदार’ की उपाधि मिली। देश की स्वतंत्रता के बाद वे भारत के प्रथम उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री बने। देशी रियासतों के भारतीय संघ में एकीकरण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके निधन के बाद वर्ष 1991 में उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
शाण्डिल्य ने कहा कि सरदार पटेल की जयंती पर पौधारोपण करना उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का भी अवसर है। गुजरात में स्थापित 182 मीटर ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भी उनके योगदान और राष्ट्रीय एकता के प्रति समर्पण का प्रतीक है। पौधारोपण कार्यक्रम में कृष्णा शंकर, लाल साहब, शंकर प्रसाद, भूटाली यादव, हिमालय, सुरेंद्र चंद्रवंशी, सागर महतो, प्रेम प्रकाश, बादल महतो और राम बिलास शाण्डिल्य सहित अन्य लोगों ने भाग लिया।