लखीसराय में संयुक्त ट्रेड यूनियनों का आंदोलन, किसान-युवा-छात्रों के मुद्दों पर सरकार को घेरा

  • Post By Admin on Aug 10 2026
लखीसराय में संयुक्त ट्रेड यूनियनों का आंदोलन, किसान-युवा-छात्रों के मुद्दों पर सरकार को घेरा

लखीसराय : महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, समान शिक्षा प्रणाली लागू करने, छात्रों पर दर्ज कथित फर्जी मुकदमों की वापसी, किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी तथा ग्राम योजना में कथित लूट के विरोध में सोमवार को लखीसराय जिला समाहरणालय के समक्ष संयुक्त ट्रेड यूनियनों और जनसंगठनों के नेतृत्व में जेल भरो आंदोलन आयोजित किया गया।

इस आंदोलन का नेतृत्व सीटू (CITU), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI), अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) और अखिल भारतीय कृषि मजदूर यूनियन (AIAWU) ने संयुक्त रूप से किया। समाहरणालय के समक्ष आयोजित सभा को संबोधित करते हुए भारत की जनवादी नौजवान सभा (DYFI) के जिला अध्यक्ष दीपक वर्मा ने कहा कि देश में लगातार बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी से आम जनता, किसान, मजदूर और युवा वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार और योजनाओं में अनियमितताओं के कारण गरीब और जरूरतमंद लोगों तक सरकारी लाभ सही तरीके से नहीं पहुंच पा रहा है।

दीपक वर्मा ने समान शिक्षा प्रणाली लागू करने की मांग उठाते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में बढ़ती असमानता गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। उन्होंने छात्रों पर दर्ज कथित फर्जी मुकदमों को वापस लेने की भी मांग की।सभा में वक्ताओं ने किसानों के लिए MSP की कानूनी गारंटी सुनिश्चित करने और ग्राम योजना में कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रहेगा।

प्रदर्शन के दौरान विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की और मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपने की घोषणा की। आंदोलन में संयुक्त ट्रेड यूनियनों, छात्र संगठनों, किसान संगठनों और युवा कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या में भागीदारी रही। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।