जीविका निधि से बदलेगी महिलाओं की तकदीर, कर्मियों को मिला विशेष प्रशिक्षण
- Post By Admin on Jan 23 2026
लखीसराय : जिला परियोजना समन्वयन इकाई, जीविका के सभा कक्ष में गुरुवार को बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड की ऋण नीति पर आधारित एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जीविका सामुदायिक संगठनों से जुड़ी महिलाओं को सरल एवं सुलभ ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया से कर्मियों को अवगत कराना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला परियोजना प्रबंधक श्रीमती अनीता कुमारी द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके पश्चात सभी प्रशिक्षणार्थियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। वहीं स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य स्तर पर सम्मानित प्रखंड परियोजना प्रबंधक, सूर्यगढ़ा श्री नवीन कुमार को भी सम्मानित किया गया।
प्रबंधक, सामुदायिक वित्त श्री नितुल कुमार ने जीविका निधि के उद्देश्य और ऋण व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिलाओं को जीविकोपार्जन हेतु तीन प्रकार के ऋण उपलब्ध कराए जाएंगे—अल्पकालिक ऋण 15 हजार रुपए तक, सूक्ष्म ऋण 15 हजार से अधिक और 75 हजार रुपए तक तथा लघु ऋण 75 हजार से अधिक और 2 लाख रुपए तक। इन सभी ऋणों पर वर्तमान में 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर लागू होगी। ऋण की अवधि क्रमशः अल्पकालिक के लिए अधिकतम 12 माह, सूक्ष्म के लिए 24 माह और लघु ऋण के लिए 36 माह निर्धारित की गई है।
प्रशिक्षण पदाधिकारी शशिभूषण ने आवेदन से लेकर वितरण और ऋण वापसी तक की प्रक्रिया तथा जीविका निधि ऐप के उपयोग के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि 18 से 65 वर्ष आयु के वे समूह सदस्य जिनका आधार एवं खाता लोकओएस में प्रविष्ट है, उन्हें जांच के उपरांत ऋण दिया जाएगा। एनपीए खाते वाले समूह सदस्य और सरकारी कर्मचारी ऋण के लिए अपात्र होंगे।
जिला परियोजना प्रबंधक श्रीमती अनीता कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि जीविका निधि स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के लिए स्वरोजगार को बढ़ावा देने का सशक्त माध्यम है। यह निधि उन्हें सरल और पर्याप्त वित्तीय सहयोग प्रदान कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगी। उन्होंने बेहतर उपलब्धि हासिल करने वाले जीविकाकर्मियों की भी हौसला अफजाई की।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर के कर्मियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संयोजन कुमारी अदिति सिन्हा, प्रभारी प्रबंधक, आईबीसीबी, जीविका द्वारा किया गया।