लखीसराय में ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद, किसानों ने की मुआवजे की मांग

  • Post By Admin on Mar 20 2026
लखीसराय में ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद, किसानों ने की मुआवजे की मांग

लखीसराय : चैत महीने में हुई अचानक ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश ने जिले के किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। कटनी के कगार पर खड़ी फसलें देखते ही देखते बर्बाद हो गईं, जिससे अन्नदाता गहरे संकट में आ गए हैं।

जानकारी के अनुसार, गेहूं, मकई, चना, मटर और टमाटर जैसी फसलें इस प्राकृतिक आपदा से बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। खेतों में तैयार फसलें गिरकर खराब हो गईं, जबकि मकई के दाने झड़ गए और गेहूं की बालियां खेतों में ही बिछ गईं। इससे पैदावार और गुणवत्ता दोनों पर भारी असर पड़ा है।

किसान, जो कटनी और मलनी की तैयारी में जुटे थे, अब अपनी सालभर की मेहनत को बर्बाद होता देख मायूस हैं। अचानक बदले मौसम ने ग्रामीण जीवन को झकझोर कर रख दिया है और किसानों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

इस आपदा के बीच किसान प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्राकृतिक मार के साथ-साथ मुआवजा प्रक्रिया में देरी और अनियमितता उनकी परेशानी को और बढ़ा रही है। किसानों ने सरकार से तत्काल सर्वे कराकर क्षति का आकलन करने और शीघ्र राहत देने की मांग की है।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम और बढ़ते प्रदूषण के कारण इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे खेती पर जोखिम बढ़ता जा रहा है। ऐसे में किसानों को समय पर सहायता और मजबूत नीतिगत समर्थन देना बेहद जरूरी है, ताकि वे इस संकट से उबर सकें।