ग्वालियर में श्रद्धालुओं को ट्रक ने रौंदा, 15 लोगों की मौत से मचा कोहराम
- Post By Admin on Oct 18 2026
ग्वालियर : मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर जाने वाले मार्ग पर रविवार तड़के एक भीषण सड़क हादसा हो गया। धान से लदे एक ट्रक के अनियंत्रित होकर श्रद्धालुओं की भीड़ में घुसने से कई लोग उसकी चपेट में आ गए। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की मौत की खबर सामने आई है, जबकि 25 से अधिक लोग घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और प्रशासन की टीम ने पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
जानकारी के अनुसार, नवरात्र के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु शीतला माता मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे। इसी दौरान छिनोर की ओर से आ रहा धान से लदा ट्रक मंदिर मार्ग पर अनियंत्रित हो गया। ट्रक ने रास्ते में मौजूद श्रद्धालुओं को अपनी चपेट में ले लिया और आगे जाकर मंदिर के प्रवेश द्वार तथा दीवार से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि प्रवेश द्वार के पास का हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने घायलों की मदद की और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस तथा बचाव दल ने घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। जानकारी के अनुसार, हादसे में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। अस्पतालों में घायलों का इलाज जारी है।
घटना के बाद भारी वाहनों की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। बताया गया है कि नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध था और वहां अवरोधक भी लगाए गए थे। इसके बावजूद ट्रक इस मार्ग तक कैसे पहुंचा, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस ट्रक की स्थिति, चालक की भूमिका और दुर्घटना के कारणों की पड़ताल कर रही है। वाहन में किसी तकनीकी खराबी की आशंका की जांच के लिए परिवहन विभाग की टीम से भी परीक्षण कराए जाने की जानकारी सामने आई है। हादसे के सिलसिले में ट्रक चालक और मालिक की गिरफ्तारी भी हुई है।
राज्य सरकार द्वारा दुर्घटना के बाद मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की गई है है। जिसमें मृतकों के परिजनों को चार लाख रुपए, गंभीर रूप से घायल लोगों को दो लाख रुपए और अन्य घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता देने की घोषणा की गई है। ग्वालियर की इस घटना ने धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि प्रतिबंधित मार्ग पर ट्रक पहुंचने और दुर्घटना होने के पीछे कौन-सी परिस्थितियां जिम्मेदार थीं।