लोक अदालत के लिए व्यापक तैयारी, 10 हजार से अधिक प्री-लिटिगेशन मामले चिन्हित
- Post By Admin on Mar 13 2026
लखीसराय : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर शनिवार को व्यवहार न्यायालय, लखीसराय के परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसको लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, लखीसराय के सचिव विधानंद सागर ने बताया कि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार लखीसराय श्री अजय कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए कुल 13 बेंच का गठन किया गया है।
उन्होंने बताया कि बेंच संख्या-01 में परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश श्री पवन कुमार झा, बेंच संख्या-02 में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (तृतीय) श्री राजीव कुमार मिश्रा, बेंच संख्या-03 में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (पंचम) श्री राजन कुमार तथा बेंच संख्या-04 में एसीजेएम-प्रथम श्री रंजीत कुमार शामिल रहेंगे। वहीं बेंच संख्या-05 में एसीजेएम-03 कुमारी ज्योत्सना के नेतृत्व में कार्य किया जाएगा। इसके अलावा बेंच संख्या-06 से बेंच संख्या-13 तक अन्य न्यायिक पदाधिकारियों के नेतृत्व में बेंच गठित की गई हैं, जिनमें क्रमशः कुंदन कुमार गुप्ता, श्रीमती शिप्रा कुमारी, गजाला सबीहा, मो. फजले हुसैन, महजबी नाज, मनीष कुमार, आकांक्षा कुमारी और सुमित कुमार सुमन शामिल हैं। प्रत्येक बेंच में एक अधिवक्ता सदस्य को भी प्रतिनियुक्त किया गया है।
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान शमनीय आपराधिक मामले, एनआई एक्ट से जुड़े मामले, विद्युत वाद, दावा वाद, मापतौल, श्रम वाद, बैंक ऋण वसूली से संबंधित मामले तथा चालान केस सहित विभिन्न प्रकार के वादों का निष्पादन किया जाएगा। बेंच संख्या-06 रेलवे कोर्ट परिसर में कार्य निष्पादन करेगी।
इस लोक अदालत के लिए कुल 3659 न्यायालय से जुड़े मामलों के साथ-साथ लगभग 10,812 प्री-लिटिगेशन मामलों को चिन्हित किया गया है, जिनके निस्तारण का प्रयास किया जाएगा।
पक्षकारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हेल्प डेस्क, मेडिकल सुविधा तथा पेयजल की व्यवस्था की गई है। साथ ही प्रत्येक बेंच पर सहयोग के लिए पारा लीगल वॉलेंटियर भी तैनात किए गए हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने संबंधित पक्षकारों से अपील की है कि वे राष्ट्रीय लोक अदालत की सरल एवं सुलभ प्रक्रिया का लाभ उठाकर अपने मामलों का आपसी समझौते से निस्तारण कराएं।