वित्तीय अनुशासन पर डीएम सख्त, AC/DC बिलों के त्वरित निपटारे का निर्देश

  • Post By Admin on Jan 19 2026
वित्तीय अनुशासन पर डीएम सख्त, AC/DC बिलों के त्वरित निपटारे का निर्देश

लखीसराय : वित्तीय अनुशासन एवं प्रशासनिक पारदर्शिता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी लखीसराय श्री मिथिलेश मिश्र की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में AC/DC बिलों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न विभागों में लंबित विपत्रों की गहन समीक्षा करते हुए उनके शीघ्र निष्पादन के निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने सभी विभागों एवं कार्यालयों के लंबित AC बिलों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सभी विभागीय प्रभारी पदाधिकारी एवं संबंधित लेखा कर्मी निर्धारित समयावधि के भीतर लंबित AC बिलों का समुचित मिलान कर संबंधित DC बिल अनिवार्य रूप से समर्पित करें। डीएम ने दो टूक कहा कि वित्तीय नियमों का अनुपालन प्रत्येक कार्यालय की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी विभाग अपने कार्यों में तेजी लाते हुए लंबित AC/DC मामलों का निष्पादन हर हाल में पूर्ण करें। साथ ही चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा नहीं होने की स्थिति में संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

समीक्षा बैठक में जिला योजना कार्यालय, जिला पंचायत राज कार्यालय, जिला निर्वाचन कार्यालय, जिला सहकारिता कार्यालय, जिला प्रोग्राम कार्यालय, स्वास्थ्य विभाग, जिला परिवहन कार्यालय सहित सभी जिला एवं प्रखंड स्तरीय कार्यालयों के AC/DC बिलों की स्थिति की बारीकी से समीक्षा की गई। प्रत्येक विभाग से लंबित विपत्रों की अद्यतन जानकारी ली गई और आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि नियमित रूप से AC/DC बिलों का समायोजन करने से न केवल वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित होती है, बल्कि भविष्य में ऑडिट आपत्तियों से भी बचा जा सकता है।

बैठक में वरीय उप समाहर्ता श्री शशि कुमार, नजारत उप समाहर्ता सुश्री प्राची कुमारी, जिला योजना पदाधिकारी श्री आशुतोष कुमार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी सुश्री पम्मी रानी सहित विभिन्न विभागों के प्रभारी पदाधिकारी, लेखा पदाधिकारी एवं संबंधित कर्मी उपस्थित रहे। सभी उपस्थित अधिकारियों ने निर्धारित समय सीमा के भीतर लंबित कार्यों को पूर्ण करने का आश्वासन दिया।