हाईकोर्ट तक पहुंचा जिला विधिज्ञ संघ का विवाद, चुनावी जंग में उतरे नए-पुराने चेहरे
- Post By Admin on Jan 17 2026
लखीसराय : जिला विधिज्ञ संघ (डी.बी.ए.) लखीसराय से जुड़ा विवाद थमने के बजाय लगातार गहराता जा रहा है। संघ में वित्तीय अनियमितताओं, आंतरिक चुनाव प्रक्रिया और कथित हस्तक्षेप को लेकर उठा विवाद अब बिहार उच्च न्यायालय, पटना तक पहुंच चुका है। संघ के कुछ सदस्यों ने इन आरोपों को लेकर रिट याचिका दायर की है, जिससे पूरे चुनावी माहौल में असमंजस की स्थिति बन गई है।
विवाद के बीच संघ का चुनावी परिदृश्य और भी दिलचस्प हो गया है। वर्ष 2023–2025 के लिए निर्वाचित कुछ पदाधिकारी बिहार स्टेट बार काउंसिल के माध्यम से वर्तमान चुनाव प्रक्रिया को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं, संघ के आम सदस्य शीघ्र चुनाव कराने की मांग पर अड़े हुए हैं। आम सदस्यों का आरोप है कि बार काउंसिल विधिविरुद्ध तरीके से चुनाव टालना चाहती है और वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच से बच रही है। इसी के विरोध में मामला उच्च न्यायालय पहुंचा है।
इस बीच स्टेट बार काउंसिल बिहार द्वारा अनुशासनिक सख्ती बढ़ाते हुए दर्जनभर अधिवक्ताओं को कारण-पृच्छा नोटिस जारी किए जाने से अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त है। इससे संघ में टकराव और संघर्ष की स्थिति बनती नजर आ रही है।
दूसरी ओर, वर्ष 2025–2027 के लिए जिला विधिज्ञ संघ लखीसराय की चुनावी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। अध्यक्ष पद के लिए चार, सचिव पद के लिए तीन, कोषाध्यक्ष पद के लिए चार, अंकेक्षक पद के लिए दो तथा संयुक्त सचिव पद के लिए चार प्रत्याशी मैदान में हैं।
सचिव पद पर ओमप्रकाश वर्मा, दिनेश कुमार मंडल और राजेश कुमार के बीच त्रिकोणीय मुकाबले के आसार हैं। वहीं अध्यक्ष पद पर रजनीश कुमार और मंजूर आलम के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। वरीय अधिवक्ता मंजूर आलम को उनके सौम्य और विनम्र स्वभाव के लिए जाना जाता है, जबकि रजनीश कुमार को संघ और अधिवक्ताओं के अधिकारों के लिए संघर्षशील छवि के कारण युवा अधिवक्ताओं का समर्थन मिल रहा है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि न्यायालय का अंतिम आदेश क्या आता है, चुनावी प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है और आखिरकार जिला विधिज्ञ संघ की कमान किसके हाथों में जाती है।