सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद सत्ता से दूर TVK, विजय ने दी सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी

  • Post By Admin on May 08 2026
सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद सत्ता से दूर TVK, विजय ने दी सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी

चेन्नई : तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में लगातार नए समीकरण बनते नजर आ रहे हैं। किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण सरकार गठन को लेकर सस्पेंस बरकरार है। अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत के आंकड़े से अभी दूर है।

इसी बीच राज्य में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) के संभावित गठबंधन की चर्चाओं ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार दोनों दलों को साथ लाने में भाजपा अहम भूमिका निभा रही है। यदि यह गठबंधन बनता है तो नई सरकार बनाने का दावा पेश किया जा सकता है।

टीवीके प्रमुख विजय पहले ही डीएमके और एआईएडीएमके से समर्थन लेने से इनकार कर चुके हैं। बताया जा रहा है कि विजय कई बार राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश कर चुके हैं, लेकिन पर्याप्त संख्या नहीं होने के कारण अब तक उन्हें सरकार गठन का निमंत्रण नहीं मिला है। संभावित डीएमके-एआईएडीएमके गठबंधन की खबरों पर टीवीके ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि दोनों दल मिलकर सरकार बनाने की कोशिश करते हैं तो टीवीके के सभी 108 विधायक इस्तीफा दे सकते हैं। पार्टी का कहना है कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते राज्यपाल को विजय को सरकार गठन के लिए आमंत्रित करना चाहिए।

उधर, डीएमके अध्यक्ष और निवर्तमान मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने नव निर्वाचित विधायकों के साथ बैठक कर पार्टी नेतृत्व के निर्देशों का पालन करने को कहा है। उन्होंने सभी विधायकों को 10 मई तक चेन्नई में रहने का निर्देश दिया। स्टालिन ने कहा कि उनकी इच्छा मजबूत और रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाने की है, लेकिन पार्टी हित में महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।

तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की आवश्यकता है। टीवीके ने 108 सीटें जीती हैं। कांग्रेस ने अपने पांच विधायकों का समर्थन देने की पेशकश की है, लेकिन इसके बावजूद विजय बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। विजय दो सीटों से चुनाव जीते हैं, इसलिए उन्हें एक सीट छोड़नी होगी। चुनाव परिणामों में एआईएडीएमके को 47 सीटें मिली हैं, जबकि उसके सहयोगी पीएमके को 4 सीटें प्राप्त हुईं। भाजपा और एएमएमके को एक-एक सीट मिली है। वहीं डीएमके को 59 सीटों पर जीत मिली। कांग्रेस को 5 सीटें हासिल हुईं, जबकि भाकपा, माकपा, वीसीके और आईयूएमएल जैसी सहयोगी पार्टियों को दो-दो सीटें मिली हैं।