नंदकिशोर यादव को BJP ने दी बड़ी जवाबदेही, राजनीति के बने शेर
- Post By Admin on Mar 05 2026
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राज्यपालों तथा उपराज्यपालों की नियुक्तियों में बदलाव किया है। बिहार, महाराष्ट्र, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में नए राज्यपाल नियुक्त किए गए हैं, जबकि दिल्ली और लद्दाख में भी नए उपराज्यपालों की घोषणा की गई है।
दिल्ली को मिला नया उपराज्यपाल
इस फेरबदल के तहत दिल्ली के वर्तमान लेफ्टिनेंट गवर्नर विनय कुमार सक्सेना को लद्दाख का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। वहीं अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत रह चुके वरिष्ठ राजनयिक तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया लेफ्टिनेंट गवर्नर बनाया गया है। यह नियुक्ति केंद्र सरकार के बड़े प्रशासनिक निर्णय के रूप में देखी जा रही है।
नंद किशोर यादव बने नागालैंड के राज्यपाल
बिहार की राजनीति से जुड़े वरिष्ठ भाजपा नेता नंद किशोर यादव को नागालैंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। लंबे समय तक बिहार की राजनीति में सक्रिय रहे नंद किशोर यादव विधानसभा अध्यक्ष और मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी रह चुके हैं। उनकी नियुक्ति को बिहार की राजनीति में भी अहम माना जा रहा है।
बिहार को मिला नया राज्यपाल
केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन को बिहार का नया राज्यपाल नियुक्त किया है। वे भारतीय सेना में वरिष्ठ पदों पर रह चुके हैं और सुरक्षा मामलों के विशेषज्ञ माने जाते हैं।
कई राज्यों में राज्यपालों का तबादला
इस फेरबदल के तहत हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला को तेलंगाना का नया राज्यपाल बनाया गया है। वहीं तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को महाराष्ट्र का नया गवर्नर नियुक्त किया गया है।
तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी बदलाव
तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल बनाया गया है। वहीं केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
हिमाचल प्रदेश को नया राज्यपाल
लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता को हिमाचल प्रदेश का नया राज्यपाल बनाया गया है। इस व्यापक फेरबदल के साथ केंद्र सरकार ने कई राज्यों में प्रशासनिक नेतृत्व में बदलाव किया है।राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इन नियुक्तियों को केंद्र सरकार की बड़ी रणनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नए राज्यपालों और उपराज्यपालों की भूमिका अहम मानी जा रही है।