12 साल की रणनीति रंग लाई, बंगाल में सत्ता के करीब बीजेपी, ममता ने उठाए सवाल
- Post By Admin on May 04 2026
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के रुझानों ने सियासी तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया है। 294 सीटों पर जारी मतगणना के बीच भारतीय जनता पार्टी प्रचंड बहुमत की ओर बढ़ती नजर आ रही है, जबकि सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पिछड़ती दिख रही है। शुरुआती आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि इस बार बंगाल में बड़ा राजनीतिक बदलाव संभव है।
रुझानों के अनुसार दोपहर तक भाजपा 190 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी, जबकि टीएमसी करीब 90 सीटों पर आगे चल रही थी। इस अप्रत्याशित बढ़त ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है और इसे भाजपा की लंबे समय से चली आ रही रणनीति का परिणाम माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस जीत की नींव वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद ही रख दी गई थी, जब पार्टी नेतृत्व ने बंगाल को भविष्य का बड़ा लक्ष्य बनाया था। भाजपा नेताओं के मुताबिक यह सफलता पिछले कई वर्षों की योजनाबद्ध मेहनत और जमीनी स्तर पर मजबूत संगठन का नतीजा है। चुनाव अभियान के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति भी चर्चा में रही। बताया जाता है कि उन्होंने लंबे समय तक बंगाल में डेरा डालकर बूथ स्तर तक की रणनीति तैयार की और संगठन को मजबूत किया। पार्टी के केंद्रीय और स्थानीय नेतृत्व के बीच बेहतर तालमेल को भी इस बढ़त का अहम कारण माना जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रुझानों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जहां उनकी पार्टी आगे है, वहां मतगणना धीमी की जा रही है। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से अंतिम परिणाम आने तक डटे रहने की अपील की है। भवानीपुर सीट, जो सबसे चर्चित मानी जा रही है, वहां ममता बनर्जी बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि भाजपा उम्मीदवार पीछे चल रहे हैं। हालांकि राज्य की कुल तस्वीर में भाजपा का पलड़ा फिलहाल भारी नजर आ रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि ये रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल सकता है। अब सभी की नजर अंतिम परिणाम पर टिकी है, जो राज्य की सत्ता का भविष्य तय करेगा।