बंगाल में नतीजों से पहले सियासी हलचल तेज, टीएमसी-बीजेपी दोनों ने ठोकी जीत की दावेदारी
- Post By Admin on May 01 2026
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों का लंबा और जोरदार दौर अब खत्म हो चुका है, लेकिन असली सियासी परीक्षा अभी बाकी है। चार मई को होने वाली मतगणना से पहले राज्य का राजनीतिक माहौल बेहद गरम है और हर दल जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रहा है।
चुनाव प्रचार के दौरान भीषण गर्मी, तीखे आरोप-प्रत्यारोप और आक्रामक रणनीतियों के बीच सभी दलों ने पूरी ताकत झोंक दी थी। अब मतदान खत्म होने के बाद नेताओं ने भले ही थोड़ी राहत की सांस ली हो, लेकिन अंदर ही अंदर परिणाम को लेकर बेचैनी साफ दिखाई दे रही है। इस बार बंगाल में रिकॉर्ड मतदान हुआ है। पहले चरण में 93.19 प्रतिशत और दूसरे चरण में 92.67 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई, जो अपने आप में बड़ा संकेत माना जा रहा है। आमतौर पर हिंसा के लिए चर्चा में रहने वाला बंगाल इस बार अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण नजर आया, हालांकि कुछ इलाकों में छिटपुट झड़पों ने माहौल को तनावपूर्ण बनाए रखा। सबसे ज्यादा नजरें कोलकाता की भवानीपुर सीट पर टिकी हैं, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधी टक्कर है। इस सीट को पूरे चुनाव का केंद्र माना जा रहा है।
तृणमूल कांग्रेस खेमे में जबरदस्त आत्मविश्वास दिख रहा है। पार्टी नेताओं का दावा है कि वे आराम से बहुमत हासिल करेंगे। पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने तो यहां तक कह दिया कि टीएमसी 200 से ज्यादा सीटों के साथ फिर सत्ता में लौटेगी और बीजेपी 50 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी। उन्होंने एग्जिट पोल को भी सिरे से खारिज कर दिया। वहीं बीजेपी भी किसी से कम नहीं दिख रही। खड़गपुर से उम्मीदवार दिलीप घोष ने कहा कि पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। आसनसोल दक्षिण से उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल ने मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष बताते हुए जनता के भारी मतदान को बीजेपी के पक्ष में बताया। कांग्रेस और वाम दल भले ही मुख्य मुकाबले से थोड़ा दूर दिख रहे हों, लेकिन वे भी अपने प्रदर्शन को लेकर आशावादी हैं। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी का कहना है कि जनता में सत्ता विरोधी लहर है, जिसका असर परिणाम में साफ दिखाई देगा। वहीं वाम मोर्चा भी अपनी वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है।
इस बीच एग्जिट पोल ने सियासी हलचल को और तेज कर दिया है। कुछ अनुमान बीजेपी को बढ़त देते नजर आ रहे हैं, तो कुछ टीएमसी की वापसी का संकेत दे रहे हैं। हालांकि एग्जिट पोल की विश्वसनीयता को लेकर हमेशा सवाल उठते रहे हैं, इसलिए अंतिम फैसला अब मतगणना के दिन ही होगा। राज्य के आम लोग भी इस सियासी मुकाबले को लेकर उत्सुक हैं। चाय की दुकानों से लेकर घरों तक चर्चा का माहौल गर्म है। हर कोई अपने-अपने अंदाज में नतीजों का अनुमान लगा रहा है, लेकिन असली तस्वीर चार मई को ही साफ होगी। फिलहाल बंगाल में सियासत का तापमान चरम पर है और सभी की नजरें मतगणना के दिन पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि सत्ता की कुर्सी पर कौन काबिज होगा।