शर्मसार हुआ शिक्षा का मंदिर, मूक-बधिर छात्रा से 4 महीने तक दरिंदगी के आरोप में बस ड्राइवर गिरफ्तार
- Post By Admin on Aug 01 2026
ग्रेटर नोएडा: शिक्षा के मंदिर को एक बार फिर शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। ग्रेटर नोएडा स्थित दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल की सातवीं कक्षा की 15 वर्षीय मूक-बधिर (दिव्यांग) छात्रा के साथ पिछले चार महीनों से यौन शोषण किया जा रहा था। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बस चालक लव कुश (निवासी इटावा) को शुक्रवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
खौफनाक दास्तान: बस से लेकर क्लास तक करता था पीछा
परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, आरोपी चालक लव कुश न केवल स्कूल बस के दौरान छात्रा को निशाना बनाता था, बल्कि स्कूल परिसर और क्लासरूम तक उसका पीछा कर अश्लील हरकतें व गंदे इशारे करता था। बच्ची के दिव्यांग होने का फायदा उठाकर वह रास्ते में बस रोककर उसके साथ बदसलूकी और बैड टच करता था। पीड़िता मूक-बधिर होने के कारण अपनी आपबीती तुरंत बयां नहीं कर सकी, जिससे आरोपी के हौसले बुलंद होते गए।
ऐसे हुआ मामले का पर्दाफाश
- व्यवहार में बदलाव: पिछले चार महीनों से बच्ची गुमसुम रहने लगी थी। उसका पढ़ाई और खेलकूद से ध्यान हट गया था।
- तबीयत बिगड़ी: मानसिक तनाव के कारण छात्रा की तबीयत इस कदर बिगड़ी कि उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
- सहेली ने दिखाई हिम्मत: बीते मंगलवार को पीड़िता की एक सहेली ने आरोपी की नापाक हरकतों को देखकर स्कूल शिक्षक को इसकी जानकारी दी।
- इशारों में बयां दर्द: परिजनों ने जब बच्ची से प्यार से पूछताछ की, तब उसने इशारों-इशारों में अपने साथ हुई दरिंदगी की दास्तान बयां की।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
पीड़ित बच्ची की मां की शिकायत पर पॉक्सो (POCSO) एक्ट और संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपी चालक लव कुश को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. हीमा शर्मा ने बताया कि 28 जुलाई को जैसे ही इस संवेदनशील घटना की जानकारी प्रबंधन को मिली, आरोपी चालक की सेवाएं तुरंत प्रभाव से समाप्त कर दी गईं। इस घटना ने एक बार फिर नामी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों में भारी रोष है कि आखिर चार महीने तक आरोपी स्कूल परिसर के अंदर तक दाखिल होकर इस तरह की हरकत कैसे करता रहा और सुरक्षाकर्मियों या सीसीटीवी निगरानी की नज़र इस पर क्यों नहीं पड़ी।