चीनी के बाद प्याज की कीमतें दुगुनी के करीब, 59 फीसदी तक बढ़े दाम से आम जनता बेहाल

  • Post By Admin on Aug 25 2026
चीनी के बाद प्याज की कीमतें दुगुनी के करीब, 59 फीसदी तक बढ़े दाम से आम जनता बेहाल

नई दिल्ली: देश में प्याज की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। खुदरा बाजार में प्याज की कीमतों में पिछले साल की तुलना में करीब 59 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण पाने के लिए केंद्र सरकार ने अब अपने बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारने की तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए नासिक से प्रमुख उपभोक्ता बाजारों तक प्याज पहुंचाने के लिए विशेष रेल रैक यानी ‘कांदा एक्सप्रेस’ का इस्तेमाल किया जा रहा है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 24 अगस्त को देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत करीब 43.53 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। पिछले वर्ष इसी अवधि में औसत कीमत करीब 27.37 रुपये प्रति किलोग्राम थी। यानी एक साल में कीमत में बड़ा उछाल देखने को मिला है। कीमतों में तेजी के बाद केंद्र सरकार ने बाजार में आपूर्ति बढ़ाने का फैसला किया है। नासिक देश के प्रमुख प्याज उत्पादन और वितरण केंद्रों में शामिल है। यहां उपलब्ध बफर स्टॉक को उन शहरों तक पहुंचाया जा रहा है, जहां प्याज की कीमतें राष्ट्रीय औसत से अधिक बनी हुई हैं। सरकार की योजना के तहत चुनिंदा उपभोक्ता केंद्रों पर बफर स्टॉक का प्याज करीब 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध कराया जाएगा। दिल्ली-NCR में भी सस्ती दर पर प्याज उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए मोबाइल वैन के माध्यम से बिक्री किए जाने की योजना भी सामने आई है।

प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सीधे घरेलू बजट पर पड़ता है। रोजमर्रा के भोजन में इस्तेमाल होने वाली इस सब्जी की कीमत बढ़ने से आम परिवारों के मासिक खर्च पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। खासकर त्योहारों के मौसम से पहले कीमतों में तेजी को लेकर उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ी है। सरकार का प्रयास है कि बफर स्टॉक को बाजार में उतारकर मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाया जाए। अधिकारियों का कहना है कि पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है और जरूरत के अनुसार विभिन्न शहरों में इसकी आपूर्ति बढ़ाई जा सकती है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार के इस हस्तक्षेप का खुदरा बाजार पर कितना असर पड़ता है और आने वाले दिनों में प्याज की कीमतों में कितनी राहत मिलती है।