कच्चे तेल के मुद्दे पर भारत का साफ संदेश : राष्ट्रीय हित सर्वोपरि, विकल्प खुले

  • Post By Admin on Feb 05 2026
कच्चे तेल के मुद्दे पर भारत का साफ संदेश : राष्ट्रीय हित सर्वोपरि, विकल्प खुले

नई दिल्ली : रूस और वेनेजुएला से कच्चे तेल की खरीद को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठ रहे सवालों के बीच भारत सरकार ने एक बार फिर अपना रुख साफ कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि देश की सबसे बड़ी प्राथमिकता 140 करोड़ नागरिकों की ऊर्जा सुरक्षा है और इसी को ध्यान में रखते हुए भारत कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति के लिए विभिन्न देशों के विकल्पों पर लगातार काम कर रहा है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत की ऊर्जा नीति का मूल उद्देश्य देश को निरंतर, भरोसेमंद और किफायती ऊर्जा उपलब्ध कराना है। इसी वजह से भारत किसी एक देश पर निर्भर रहने के बजाय अपने ऊर्जा स्रोतों का विविधीकरण कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति के अनुसार अपनी रणनीति में लगातार बदलाव करता रहता है।

मंत्रालय ने बताया कि वेनेजुएला लंबे समय तक भारत का अहम ऊर्जा साझेदार रहा है और वित्त वर्ष 2019-20 तक वह भारत को कच्चा तेल आपूर्ति करने वाले प्रमुख देशों में शामिल था। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण भारत को वेनेजुएला से तेल आयात रोकना पड़ा था। बाद में वित्त वर्ष 2023-24 में दोबारा आयात शुरू हुआ, लेकिन प्रतिबंध फिर लागू होने के चलते इसे एक बार फिर स्थगित करना पड़ा।

विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों की वेनेजुएला की राष्ट्रीय तेल कंपनी पीडीवीएसए के साथ लंबे समय से साझेदारी रही है। वर्ष 2008 से भारतीय कंपनियां वहां सक्रिय हैं और यदि व्यावसायिक व रणनीतिक परिस्थितियां अनुकूल होती हैं, तो भारत भविष्य में फिर से वेनेजुएला से कच्चे तेल की आपूर्ति पर विचार कर सकता है।

रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर भी सरकार ने दो टूक कहा कि भारत के सभी निर्णय राष्ट्रीय हितों और बाजार की वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित होते हैं। विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि ऊर्जा सुरक्षा देश की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी आधार पर कच्चे तेल व गैस की खरीद तय की जाती है।

मंत्रालय के अनुसार, रूस से तेल आयात किसी बाहरी दबाव का परिणाम नहीं है, बल्कि यह भारत की व्यापक ऊर्जा रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य किसी एक देश या क्षेत्र पर अत्यधिक निर्भरता से बचना और ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखना है।

सरकार ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि चाहे मामला रूस का हो या वेनेजुएला का, भारत का फोकस केवल देश की जरूरतों पर है। ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर, सुरक्षित और किफायती बनाए रखने के लिए भारत हर व्यावसायिक विकल्प को खुले मन से परखता रहेगा।