रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार भारत, विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की ओर : पीएम मोदी

  • Post By Admin on Feb 05 2026
रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार भारत, विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की ओर : पीएम मोदी

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि भविष्य को ध्यान में रखकर किए जा रहे व्यापारिक समझौते भारत की लंबी अवधि की आर्थिक रणनीति का अहम हिस्सा हैं और देश तेजी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्यसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के जवाब में बोलते हुए पीएम मोदी ने सरकार की आर्थिक नीतियों और वैश्विक भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार सुधार-प्रदर्शन-बदलाव के मंत्र के साथ भविष्य के लिए तैयार नीतियों पर फोकस कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व की पांच सबसे कमजोर अर्थव्यवस्थाओं की श्रेणी से निकलकर अब “रिफॉर्म एक्सप्रेस” पर सवार हो चुका है और तेज गति से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है।

पीएम मोदी ने वैश्विक परिदृश्य का जिक्र करते हुए कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद एक नया विश्व व्यवस्था बनी थी और अब दुनिया फिर से नए वर्ल्ड ऑर्डर की ओर बढ़ रही है, जिसमें भारत एक प्रमुख भूमिका निभा रहा है। उन्होंने भारत को “विश्व बंधु” बताते हुए कहा कि वैश्विक झुकाव अब भारत की ओर है।

अपने भाषण में पीएम मोदी ने यूरोपीय संघ के साथ हुए समझौते को “मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील” करार दिया। उन्होंने बताया कि हाल ही में भारत ने अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौतों की घोषणा की है, जो देश की आर्थिक ताकत और वैश्विक साझेदारियों को और मजबूत करते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का बढ़ता आर्थिक प्रभाव और अंतरराष्ट्रीय सहयोग उसे बदलती वैश्विक व्यवस्था में मजबूती से स्थापित कर रहा है और इससे विश्व मंच पर एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में भारत की भूमिका और सशक्त हो रही है।

उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का पहला चौथाई हिस्सा पूरा हो चुका है, लेकिन दूसरा चौथाई भाग निर्णायक है, ठीक उसी तरह जैसे पिछली सदी में स्वतंत्रता संग्राम का दूसरा चरण महत्वपूर्ण था। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि यह दौर विकसित भारत के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक साबित होगा।

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि जब किसी देश के पास मजबूत विनिर्माण प्रणाली होती है, तो दुनिया स्वाभाविक रूप से उसके साथ व्यापार करना चाहती है। उन्होंने दावा किया कि प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में भारत की विकास दर लगातार ऊंची बनी हुई है और कम मुद्रास्फीति के कारण वैश्विक स्तर पर भारत की अर्थव्यवस्था की सराहना हो रही है।