भारत में मिलिट्री टेक सेक्टर की फंडिंग में दस साल में 61 गुना उछाल, स्टार्टअप्स को नई ऊर्जा

  • Post By Admin on Aug 29 2025
भारत में मिलिट्री टेक सेक्टर की फंडिंग में दस साल में 61 गुना उछाल, स्टार्टअप्स को नई ऊर्जा

बेंगलुरु : भारत के मिलिट्री टेक्नोलॉजी सेक्टर में पिछले दस वर्षों में जबरदस्त उछाल देखा गया है। मार्केट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म ट्रैक्सन की 'इंडिया मिलिट्री टेक रिपोर्ट 2025' के अनुसार, इस अवधि में इस क्षेत्र की वार्षिक फंडिंग 61 गुना बढ़ी है।

रिपोर्ट में बताया गया कि इस साल अब तक सेक्टर के स्टार्टअप्स ने 192.4 मिलियन डॉलर जुटाए हैं, जो वर्ष की शुरुआत से अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। 2016 से अब तक कुल 211 फंडिंग राउंड में 611 मिलियन डॉलर की राशि हासिल की गई है।

मिलिट्री टेक सेक्टर में डील की संख्या में भी तेज वृद्धि दर्ज की गई है। जहां 2016 में केवल 3 डील हुई थीं, वहीं 2023 में यह संख्या 36 तक पहुंच गई और इस साल अब तक 20 डील की गई हैं।

ट्रैक्सन की सह-संस्थापक नेहा सिंह ने कहा कि भारत का डिफेंस टेक इकोसिस्टम इनोवेशन, नीति समर्थन और निवेशक भागीदारी से प्रेरित होकर एक निर्णायक चरण में प्रवेश कर रहा है।

दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु इस क्षेत्र के प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं, जहां क्रमशः 194.6 मिलियन डॉलर और 166.1 मिलियन डॉलर जुटाए गए। भारत में अब 150 से अधिक सक्रिय मिलिट्री टेक स्टार्टअप हैं, जिनमें 76 को अब तक इक्विटी फंडिंग मिली है।

2025 में सबसे बड़ी फंडिंग डील राफे एमफिब्र का 100 मिलियन डॉलर का सीरीज-बी राउंड रही। इसके बाद न्यूस्पेस रिसर्च ने 33 मिलियन डॉलर और सागर डिफेंस इंजीनियरिंग ने 25.4 मिलियन डॉलर जुटाए। अंतिम चरण के राउंड में भी तेजी दिखी, जहां बिग बैंग बूम सॉल्यूशंस ने 29.9 मिलियन डॉलर और टोनबो इमेजिंग ने 20.4 मिलियन डॉलर जुटाए।

सरकार की 'आत्मनिर्भर भारत', आईडीईएक्स और रक्षा औद्योगिक गलियारे जैसी पहलें भी इस क्षेत्र के विकास को मजबूती दे रही हैं। अब तक चार कंपनियां सार्वजनिक हुई हैं और लगभग 110 वेंचर कैपिटल फर्मों ने इस सेक्टर में निवेश किया है।