होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा टकराव, अमेरिका-ईरान के बीच फिर युद्ध के आसार तेज

  • Post By Admin on Apr 12 2026
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा टकराव, अमेरिका-ईरान के बीच फिर युद्ध के आसार तेज

वाशिंगटन : इस्लामाबाद में शांति वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के होर्मुज जलडमरूमध्य से विस्फोटक माइन्स हटाने के निर्देश के बाद क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिससे संभावित युद्ध की आशंका गहरा गई है।

अमेरिकी सेना ने पुष्टि की है कि उसके दो युद्धपोत होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरे हैं। युद्ध की शुरुआत के बाद यह पहली बार है जब अमेरिका इस अहम समुद्री मार्ग को खोलने के लिए सक्रिय रूप से कदम उठा रहा है। ट्रंप ने स्पष्ट कहा कि जलडमरूमध्य को हर हाल में खोला जाएगा, चाहे समझौता हो या नहीं।

दूसरी ओर, ईरान ने अपने रुख में कोई नरमी नहीं दिखाई है। ईरान के संयुक्त सैन्य कमांड ने साफ कर दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसका नियंत्रण बना रहेगा और किसी भी जहाज की आवाजाही तेहरान की शर्तों पर ही होगी। इससे दोनों देशों के बीच सीधा सैन्य टकराव होने की आशंका बढ़ गई है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि जलडमरूमध्य में सुरक्षित मार्ग बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत अतिरिक्त सैन्य बल और पानी के भीतर काम करने वाले ड्रोन भी तैनात किए जाएंगे, जो समुद्र में बिछाई गई माइन्स को हटाने का काम करेंगे।

गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां से दुनिया के 20 प्रतिशत से अधिक तेल का परिवहन होता है। युद्ध के कारण इस मार्ग के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बढ़ी है और जहाजों की आवाजाही भी काफी सीमित हो गई है।

इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने चेतावनी दी है कि यदि उनके देश पर दोबारा हमला हुआ तो ईरान करारा जवाब देगा। उन्होंने अमेरिका पर भरोसा न करने की बात दोहराते हुए कहा कि तेहरान किसी भी स्थिति के लिए तैयार है।

विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच बढ़ता यह टकराव न केवल क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी इसका गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।