इजरायल ने संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों से सभी संबंध खत्म करने का किया ऐलान

  • Post By Admin on Jan 14 2026
इजरायल ने संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों से सभी संबंध खत्म करने का किया ऐलान

वॉशिंगटन : अमेरिका द्वारा कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों से हटने के फैसले के बाद वैश्विक राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में इजरायल ने भी बड़ा निर्णय लेते हुए संयुक्त राष्ट्र की कई एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से तत्काल सभी संबंध तोड़ने का ऐलान किया है। यह फैसला इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने लिया है।

इजरायल के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर इस निर्णय की जानकारी दी। मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका के हालिया कदमों के बाद संबंधित अंतरराष्ट्रीय संगठनों की समीक्षा की गई, जिसके आधार पर यह सख्त फैसला लिया गया। विदेश मंत्री गिदोन सार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन एजेंसियों पर आरोप लगे हैं, उनके साथ तुरंत सभी प्रकार का संपर्क समाप्त किया जाए। साथ ही अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग की भी पुनर्समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित मंत्रालयों से परामर्श लिया जाएगा।

बार-बार पक्षपात का आरोप

इजरायल का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र की कई एजेंसियों ने उसके खिलाफ बार-बार पूर्वाग्रही और राजनीतिक दृष्टिकोण अपनाया है, जिससे देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचा। इजरायल पहले ही अमेरिका के फैसले में शामिल संगठनों की सूची के आधार पर चार संयुक्त राष्ट्र निकायों से नाता तोड़ चुका है।

इन एजेंसियों से तोड़े गए संबंध

इजरायल जिन एजेंसियों से संबंध समाप्त कर चुका है, उनमें संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष प्रतिनिधि का कार्यालय शामिल है, जो सशस्त्र संघर्ष में बच्चों के अधिकारों से जुड़े मामलों पर काम करता है। इजरायल का आरोप है कि इस कार्यालय ने वर्ष 2024 में इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) को ब्लैकलिस्ट किया था।

इसके अलावा यूएन विमेन पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इजरायल का कहना है कि इस संगठन ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायली महिलाओं के साथ हुई यौन हिंसा की घटनाओं को नजरअंदाज किया, जो उसके लिए अत्यंत पीड़ादायक रहा। वहीं संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन (यूएनसीटीएडी) पर दर्जनों इजरायल-विरोधी रिपोर्ट तैयार करने का आरोप है। इजरायल पहले से ही इस संस्था से दूरी बनाए हुए था और अब औपचारिक रूप से सभी संबंध समाप्त कर दिए गए हैं।

आगे और कड़े फैसलों के संकेत

विदेश मंत्री गिदोन सार ने साफ किया है कि अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग की भी गहन समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर और कड़े फैसले लिए जा सकते हैं। इजरायल का कहना है कि जो संगठन निष्पक्षता का दावा करते हुए पक्षपात करते हैं, उनके साथ सहयोग जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों के अनुसार, यह कदम वैश्विक राजनीति में इजरायल की स्वतंत्र विदेश नीति और राष्ट्रीय हितों की रक्षा पर जोर देने के रूप में देखा जा रहा है, जो अमेरिका के हालिया फैसलों से प्रेरित माना जा रहा है।