ईरान ने अमेरिका से वार्ता की खबरों को किया खारिज, कहा—सिर्फ संदेशों का आदान-प्रदान हुआ
- Post By Admin on Mar 26 2026
तेहरान : ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया है कि हाल के दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच किसी भी प्रकार की प्रत्यक्ष बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच केवल मित्र देशों और मध्यस्थों के माध्यम से संदेशों का आदान-प्रदान हुआ है, जिसे बातचीत या संवाद नहीं कहा जा सकता।
सरकारी दूरदर्शन चैनल को दिए एक साक्षात्कार में अराघची ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से अमेरिकी पक्ष अलग-अलग मध्यस्थों के माध्यम से संदेश भेज रहा है। उन्होंने कहा कि जब मित्र देशों के माध्यम से संदेश आते हैं और ईरान अपनी स्थिति स्पष्ट करता है या आवश्यक चेतावनी देता है, तो उसे औपचारिक बातचीत नहीं माना जा सकता। यह केवल संदेशों का आदान-प्रदान है और इस दौरान ईरान ने अपने सिद्धांतों पर आधारित रुख को दोहराया है।
उन्होंने कहा कि कुछ संदेशों के माध्यम से ईरान ने अमेरिका को अपने बुनियादी ढांचे पर किसी भी प्रकार का हमला न करने की चेतावनी दी थी। इसके बाद अमेरिका ने 48 घंटे के भीतर ईरानी बिजली संयंत्रों पर हमले की अपनी चेतावनी वापस ले ली। अराघची ने दोहराया कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि इस संघर्ष की शुरुआत ईरान ने नहीं की है और वह इसे ऐसे समाप्त करना चाहता है कि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो।
ईरानी विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि ईरान युद्धविराम की मांग नहीं कर रहा है, क्योंकि इससे संघर्ष, बातचीत और फिर अस्थायी शांति का वही दुष्चक्र दोहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान इस युद्ध का अंत अपनी शर्तों पर चाहता है और फिलहाल देश की नीति प्रतिरोध जारी रखने तथा राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करने की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान परिस्थिति में अमेरिका के साथ किसी प्रकार की बातचीत की कोई योजना नहीं है।
होर्मुज जलडमरूमध्य के बारे में अराघची ने कहा कि यह जलमार्ग ईरान और ओमान के प्रादेशिक जल का हिस्सा माना जाता है। उन्होंने बताया कि ईरान इस मार्ग से सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए नई व्यवस्थाओं का अध्ययन कर रहा है।
ईरानी विदेश मंत्री का यह बयान उस समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि तेहरान अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है और युद्ध समाप्त करने के लिए किसी समझौते की कोशिश कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने तेहरान सहित ईरान के कई शहरों पर संयुक्त हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अली खामेनेई समेत कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और नागरिकों की मौत हुई थी। इसके जवाब में ईरान ने मध्य पूर्व में इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए तथा होर्मुज जलडमरूमध्य पर कड़ा नियंत्रण स्थापित कर अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों के आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया।