डूरंड रेखा पर बढ़ा संघर्ष, तालिबान के हमलों से पाकिस्तान में हड़कंप
- Post By Admin on Mar 03 2026
तेहरान : ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच भी युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। सीमा के दोनों ओर रहने वाले नागरिकों में भय और असुरक्षा का माहौल है। इस बीच तालिबान लड़ाकों ने डूरंड रेखा पार कर पाकिस्तान की कई सैन्य चौकियों पर कब्जा करने का दावा किया है।
सूत्रों के अनुसार स्पिन बोल्डक और शोराबक क्षेत्रों में डूरंड रेखा के निकट स्थित पाकिस्तानी चौकियों पर तालिबान ने नियंत्रण स्थापित कर लिया है। तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी हमलों में निर्दोष नागरिक मारे गए हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर की गई अपीलों का कोई ठोस परिणाम नहीं निकला है। अफगान पक्ष ने यह भी संकेत दिया है कि उसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से शांति बहाली की विशेष उम्मीद नहीं है।
आमने-सामने पाकिस्तान और तालिबान
ताजा संघर्ष की शुरुआत उस समय हुई जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के भीतर हवाई हमले किए। इसके जवाब में 24 फरवरी की शाम तालिबान ने पाकिस्तानी सीमा चौकियों और सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। पाकिस्तान का कहना था कि 21 फरवरी को उसने आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, जबकि अंतरराष्ट्रीय सूत्रों के अनुसार इन हमलों में नागरिक हताहत हुए, जिससे आक्रोश फैल गया।
पाकिस्तान ने तालिबान की जवाबी कार्रवाई को गंभीर भूल करार देते हुए काबुल को कड़े परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
काबुल से कंधार तक हवाई हमले
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 25 फरवरी की सुबह पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के भीतर व्यापक सैन्य अभियान चलाया। लड़ाकू विमानों और मानव रहित विमानों के माध्यम से काबुल, कंधार और पक्तिया प्रांतों में बमबारी की गई। काबुल के दारुलअमन और पश्चिमी रिहायशी इलाकों में जोरदार विस्फोटों की सूचना है। तालिबान ने भी इन हमलों की पुष्टि की है।
जवाबी कार्रवाई में तालिबान ने हेलमंद और पूर्वी सीमावर्ती क्षेत्रों में कई पाकिस्तानी चौकियों को ध्वस्त करने का दावा किया है। दोनों पक्ष एक-दूसरे को भारी नुकसान पहुंचाने की बात कह रहे हैं।
भारत पर आरोप, दोनों देशों ने किया खंडन
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने इसे तालिबान के विरुद्ध खुला युद्ध बताया और आरोप लगाया कि तालिबान को बाहरी समर्थन प्राप्त है। हालांकि भारत और अफगानिस्तान ने ऐसे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें निराधार बताया है।
खौफ के साये में सीमावर्ती इलाके
26 फरवरी को तालिबान ने खोस्त, नंगरहार, पक्तिका और कुनार प्रांतों में हमले तेज कर दिए। जाजी मैदान, अली शेर और तेरेजाई जिलों में पाकिस्तानी चौकियों को निशाना बनाया गया। काबुल के आसमान में लगातार लड़ाकू विमानों की आवाजें सुनाई दे रही हैं और सीमावर्ती क्षेत्रों में भारी गोलाबारी जारी है, जिससे आम लोग दहशत में हैं।
हालात की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र और रूस ने दोनों देशों से तत्काल संघर्ष विराम और वार्ता का मार्ग अपनाने की अपील की है। तालिबान की ओर से कहा गया है कि वे लड़ाई के साथ-साथ बातचीत के लिए भी तैयार हैं, हालांकि जमीनी स्तर पर संघर्ष अभी थमता नजर नहीं आ रहा है।