ईरान को अमेरिका की 48 घंटे की चेतावनी, तेहरान का पलटवार—धमकियों से नहीं झुकेंगे

  • Post By Admin on Apr 05 2026
ईरान को अमेरिका की 48 घंटे की चेतावनी, तेहरान का पलटवार—धमकियों से नहीं झुकेंगे

वाशिंगटन : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि तेहरान 48 घंटे के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और समझौते पर आगे नहीं बढ़ता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सामाजिक माध्यम मंच ट्रुथ सोशल पर लिखा कि जब उन्होंने ईरान को समझौता करने या होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए 10 दिन का समय दिया था, तब भी चेतावनी स्पष्ट थी। उन्होंने कहा कि समय तेजी से खत्म हो रहा है और 48 घंटे बाद गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।

ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने अपने ऊर्जा ढांचे पर संभावित हमलों को रोकने के लिए सात दिन का अतिरिक्त समय मांगा था। इसी अनुरोध के बाद उन्होंने पहले दी गई समयसीमा को बढ़ाकर 6 अप्रैल तक कर दिया था। हालांकि ईरान ने अमेरिकी प्रस्ताव को एकतरफा और अनुचित बताते हुए इसे खारिज कर दिया है।

इस बीच ईरान की संसद के अध्यक्ष ने बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य को बंद करने की भी चेतावनी दी है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि स्वेज नहर के रास्ते होने वाले लगभग 25 प्रतिशत वैश्विक कंटेनर परिवहन का आवागमन इसी मार्ग से होता है।

ईरान का पलटवार, कहा—धमकियां बेबसी की निशानी

ट्रंप की 48 घंटे की चेतावनी पर ईरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है। तेहरान ने इस अल्टीमेटम को ठुकराते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति घबराहट में इस तरह की धमकियां दे रहे हैं। ईरान ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दबाव की नीति जारी रही तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

ईरानी सैन्य मुख्यालय के एक वरिष्ठ कमांडर ने ट्रंप की टिप्पणियों को असंतुलित और गैर-जिम्मेदाराना करार दिया। वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान सिद्धांततः मध्यस्थता के माध्यम से बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन किसी भी समझौते से पहले अवैध युद्ध समाप्त होना चाहिए।

क्षेत्र में बढ़ा तनाव, कई जगह हमले और जवाबी कार्रवाई

इस बीच क्षेत्र में तनाव बढ़ता जा रहा है। ट्रंप ने दावा किया है कि तेहरान पर हुए एक बड़े हमले में ईरान के कई शीर्ष सैन्य नेता मारे गए हैं। उन्होंने एक वीडियो साझा कर कई विस्फोट होने का दावा भी किया है।

वहीं संयुक्त अरब अमीरात ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने एक मिसाइल खतरे का सामना किया है। कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने बताया कि शुवैख तेल परिसर में ड्रोन हमले के बाद आग लग गई। कुवैत के बिजली और जल मंत्रालय के अनुसार ईरानी ड्रोन हमलों में दो बिजली और समुद्री जल शुद्धिकरण संयंत्रों को भी नुकसान पहुंचा है।

इधर हूती सेना के प्रवक्ता याह्या सारी ने दावा किया कि उनकी सेना ने इजरायल के खिलाफ बैलिस्टिक मिसाइल और कई ड्रोन से हमला किया है। इस हमले में जाफा क्षेत्र के लोद हवाई अड्डे समेत कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।

परमाणु संयंत्र पर हमले का आरोप

ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर बुशेहर परमाणु संयंत्र पर चार बार हमला करने का आरोप लगाया है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने यूनाइटेड नेशन्स को पत्र लिखकर इन हमलों की निंदा की है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के हमले पूरे क्षेत्र को रेडियोधर्मी प्रदूषण के गंभीर खतरे में डाल सकते हैं, जिसके मानवीय और पर्यावरणीय परिणाम बेहद खतरनाक हो सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार यदि यह तनाव और बढ़ता है तो इसका प्रभाव पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।