सुप्रीम कोर्ट में अब होंगे 38 जज, राज्यसभा से भी बिल को मिली मंजूरी
- Post By Admin on Aug 06 2026
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे और न्यायिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए संसद ने उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी है। लोकसभा से पारित होने के बाद बुधवार को राज्यसभा ने भी इस विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया।
नए कानून के तहत भारत के मुख्य न्यायाधीश सहित सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की अधिकतम संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दी जाएगी। सरकार का मानना है कि न्यायाधीशों की संख्या बढ़ने से लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और न्यायिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। राज्यसभा में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विधेयक को चर्चा के लिए सदन में प्रस्तुत किया। चर्चा के दौरान विपक्षी दलों ने सरकार पर विधेयक लाने में जल्दबाजी करने का आरोप लगाया और विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराया। विपक्षी सांसदों ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन और दिल्ली में छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरा, जिससे सदन में कई बार हंगामे की स्थिति बनी रही।
लगातार व्यवधान के बीच राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने विरोध कर रहे सदस्यों से अपनी-अपनी सीटों पर लौटकर सदन की कार्यवाही में भाग लेने की अपील की। हंगामे के बावजूद विधेयक पर चर्चा पूरी हुई और अंततः इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। सरकार का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ने से बढ़ते मुकदमों के बोझ को कम करने, मामलों के त्वरित निस्तारण और आम लोगों को समय पर न्याय उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।