लखीसराय हिंदी साहित्य सम्मेलन के उपाध्यक्ष रामचंद्र पासवान का निधन, साहित्यकारों ने दी श्रद्धांजलि
- Post By Admin on Oct 29 2026
लखीसराय : जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन, लखीसराय के उपाध्यक्ष एवं पूर्व शिक्षक रामचंद्र पासवान के आकस्मिक निधन पर गुरुवार को शोकसभा आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। सम्मेलन के कार्यालय स्थित सभाकक्ष में आयोजित सभा की अध्यक्षता अरविंद कुमार भारती ने की। इस दौरान उपस्थित साहित्यकारों और साहित्य प्रेमियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित किए।
शोकसभा में वक्ताओं ने रामचंद्र पासवान के साहित्यिक योगदान, सक्रियता और सामाजिक सरोकारों को याद किया। राजेश्वरी प्रसाद सिंह ने उन्हें कर्मठ और साहसी साहित्यकार बताते हुए कहा कि उन्होंने जीवनभर साहित्य की ज्योति जलाए रखी। कार्यकारी अध्यक्ष मुंद्रिका सिंह ने कहा कि रामचंद्र पासवान लगनशील साहित्यकार थे और जीवन के अंतिम समय तक साहित्यिक गतिविधियों में सक्रिय रहे।
भोला पंडित ने उनके व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा कि रामचंद्र पासवान भावुक स्वभाव के थे। वे कभी अपनी बातों में तीखापन दिखाते थे, तो अगले ही पल अपने सहज और कोमल व्यवहार से साहित्यिक गोष्ठियों में खुशनुमा माहौल बना देते थे। दशरथ महतो ने कहा कि रामचंद्र पासवान जरूरतमंदों के प्रति दयालु थे। वे आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे लोगों की मदद करने में पीछे नहीं हटते थे और अपनी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग करते थे। वहीं, देवेंद्र सिंह आजाद ने उन्हें जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन परिवार का महत्वपूर्ण हिस्सा और उदार व्यक्तित्व का धनी बताया। देवेंद्र सिंह आजाद ने कहा कि रामचंद्र पासवान ने साहित्य के प्रचार-प्रसार के लिए अपने गांव में दो बार कवि सम्मेलन आयोजित कराने में हजारों रुपए खर्च किए थे। इन आयोजनों में दूसरे जिलों के साहित्यकारों ने भी भाग लिया था। उनके प्रयासों से साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला और स्थानीय स्तर पर साहित्यकारों को मंच उपलब्ध हुआ।
सभा की अध्यक्षता कर रहे अरविंद कुमार भारती ने कहा कि रामचंद्र पासवान की ओजस्वी और प्रखर आवाज की भरपाई करना कठिन है। उन्होंने सम्मेलन परिवार की ओर से शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दिवंगत साहित्यकार के सपनों को साकार करने और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का प्रयास जारी रखा जाएगा। अंत में उपस्थित साहित्यकारों और साहित्य प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शोकसभा के समापन की घोषणा की गई। कार्यक्रम की रिपोर्ट जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह आजाद ने जारी की।