करवा चौथ पर लखीसराय में पांच पौधों का रोपण, दिवंगत सुमित्रा देवी की स्मृति को किया समर्पित
- Post By Admin on Oct 29 2026
लखीसराय : करवा चौथ और स्वर्गीय सुमित्रा देवी की पुण्य स्मृति के अवसर पर पर्यावरण भारती की ओर से लखीसराय के नया बाजार स्थित केआरके टाउन हॉल परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पीपल, गूलर और बरगद के एक-एक तथा आम के दो पौधे लगाए गए। कार्यक्रम का नेतृत्व स्वर्गीय सुमित्रा देवी के तीसरे पुत्र और पर्यावरण प्रहरी राजेश कुमार गुप्ता ने किया।
पर्यावरण भारती के संस्थापक, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांत संयोजक और अखिल भारतीय पेड़ उपक्रम टोली के सदस्य राम बिलास शाण्डिल्य ने पौधारोपण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए वन क्षेत्र का विस्तार आवश्यक है। उन्होंने वृक्षों की अंधाधुंध कटाई पर चिंता जताई और कहा कि पेड़ों की कमी से प्राकृतिक संतुलन प्रभावित होता है। इसके परिणामस्वरूप जलवायु संबंधी समस्याएं और प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ता है।राम बिलास शाण्डिल्य ने प्राकृतिक आपदाओं का उल्लेख करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए वैश्विक स्तर पर सहयोग की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संकट से निपटने के लिए जनभागीदारी और व्यापक पौधारोपण जरूरी है। उनके अनुसार, प्रकृति के संरक्षण के लिए समाज के सभी वर्गों को आगे आना चाहिए।
पर्यावरण प्रहरी राजेश कुमार गुप्ता ने अपनी माता स्वर्गीय सुमित्रा देवी को धर्मपरायण महिला बताते हुए कहा कि उनकी प्रेरणा से ही वे सामाजिक कार्यों से जुड़े। उन्होंने बताया कि वर्ष 1998 में पुरानी बाजार स्थित महिला विद्या मंदिर उच्च विद्यालय परिसर में चलाए गए पौधारोपण अभियान में भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई थी। माता की स्मृति में पौधे लगाना उनके लिए भावनात्मक और सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण कार्य है।
पर्यावरण भारती के पर्यावरण शैक्षणिक आयाम के प्रांत प्रमुख शिक्षक अरविंद कुमार ने करवा चौथ के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारतीय परंपरा में सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए यह व्रत करती हैं। उन्होंने इस पर्व से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं का भी उल्लेख किया।कार्यक्रम में खेमजीत प्रसाद, कुमार गौतम, सरदार अनिल सिंह, राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता, जीतेन्द्र प्रसाद सहित अन्य लोगों ने भाग लिया। पौधारोपण के माध्यम से प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और दिवंगत सुमित्रा देवी की स्मृति को याद किया।