बीसी केंद्रों पर पासबुक अपडेट से खातों की निगरानी आसान, गाजियाबाद में बढ़ी जरूरत
- Post By Admin on Oct 21 2026
गाजियाबाद: डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल बढ़ने के बावजूद बड़ी संख्या में ग्राहक आज भी अपने बैंक खाते में होने वाले लेनदेन की जानकारी के लिए भौतिक पासबुक पर निर्भर हैं। ऐसे में बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट (बीसी) केंद्रों पर पासबुक प्रिंटिंग की सुविधा ग्राहकों को घर के नजदीक ही खाते का विवरण उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभा रही है।
अप्रैल 2025 से जून 2026 के बीच करीब 130 जिलों के वीडियो-KYC डेटा के अध्ययन में गाजियाबाद को म्यूल खातों से जुड़ी गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील जिलों में शामिल किया गया। म्यूल खाते ऐसे बैंक खाते होते हैं, जिनका इस्तेमाल धोखाधड़ी या अवैध धन के लेनदेन के लिए किया जा सकता है। अध्ययन में उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी, बरेली, वाराणसी, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, फिरोजाबाद, लखनऊ और गाजियाबाद के अलावा हरियाणा के पानीपत तथा राजस्थान के जोधपुर को भी शामिल किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो-KYC अस्वीकृति की दर लखीमपुर खीरी में 14.03 प्रतिशत, बरेली में 13.37 प्रतिशत और वाराणसी में 12.32 प्रतिशत रही।
अध्ययन में यह भी दावा किया गया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान चिन्हित किए गए करीब 85 से 90 प्रतिशत फ्रॉड हॉटस्पॉट बाद में कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्रवाई या मीडिया रिपोर्टों के जरिए सामने आए। ऐसी परिस्थितियों में नियमित रूप से पासबुक अपडेट कराना ग्राहकों को अपने खाते की गतिविधियों पर नजर रखने में मदद कर सकता है। पासबुक में दर्ज विवरण से ग्राहक यह जांच सकता है कि जमा की गई राशि खाते में पहुंची या नहीं, निकासी सही तरीके से दर्ज हुई या नहीं और कोई ऐसा लेनदेन तो नहीं हुआ, जिसकी जानकारी उसे नहीं है। हालांकि, संदिग्ध लेनदेन की आशंका होने पर बैंक को तुरंत सूचना देना भी जरूरी है।
BLS E-Services Ltd. के डिप्टी सीईओ आशीष मिश्रा ने कहा कि पासबुक आधारित बैंकिंग आज भी ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक, बीसी केंद्र पर पासबुक अपडेट कराने की सुविधा से ग्राहक अपने खाते में होने वाली गतिविधियों का विवरण आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।कंपनी के अनुसार, उसके बीसी नेटवर्क में 10 हजार से अधिक पासबुक प्रिंटर लगाए गए हैं। इनके माध्यम से हर साल करीब दो करोड़ पासबुक अपडेट किए जाते हैं। यह सुविधा खास तौर पर वरिष्ठ नागरिकों, पेंशनधारकों, महिलाओं और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के लिए उपयोगी है, जिन्हें बैंक शाखा तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है। पासबुक प्रिंटिंग की सुविधा डिजिटल बैंकिंग के साथ-साथ उन ग्राहकों के लिए भी खाते की जानकारी हासिल करने का एक आसान माध्यम बनी हुई है, जो नियमित रूप से लेनदेन का लिखित रिकॉर्ड रखना चाहते हैं।