राज्यसभा में मनुस्मृति पर हंगामा, खड़गे के बयान पर सदन में विवाद

  • Post By Admin on Jul 30 2026
राज्यसभा में मनुस्मृति पर हंगामा, खड़गे के बयान पर सदन में विवाद

नई दिल्ली: राज्यसभा में गुरुवार को मनुस्मृति को लेकर दिए गए विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर जोरदार हंगामा देखने को मिला। सदन में सत्ता पक्ष के सदस्यों ने खड़गे से माफी की मांग करते हुए "गुंडागर्दी नहीं चलेगी" के नारे लगाए, जिससे कुछ समय के लिए कार्यवाही बाधित रही।

नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष के नेता द्वारा दिया गया बयान तथ्यों पर आधारित नहीं है। उन्होंने मनुस्मृति के मूल और प्रमाणिक संस्करण को प्रस्तुत करने की बात कही तथा इस विषय पर भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी को अपनी बात रखने का आग्रह किया। हालांकि, उनके बोलना शुरू करते ही सभापति ने उन्हें बीच में रोक दिया। इसके बाद सुधांशु त्रिवेदी ने अपने पक्ष में कई ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए पूर्व न्यायाधीश विलियम जोंस तथा डॉ. भीमराव आंबेडकर की पुस्तक सहित अन्य स्रोतों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इस विषय पर प्रमाणिक मूल पाठ के आधार पर ही चर्चा होनी चाहिए।

वहीं, कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने सदन में एक पुस्तक दिखाते हुए कहा कि यह सरकार के कार्यकाल में प्रकाशित हुई है और इस पर कोई प्रतिबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार स्वयं इसकी प्रमाणिकता पर सवाल उठा रही है तो इसकी जिम्मेदारी भी उसी की है। इस दौरान जेपी नड्डा ने कहा कि ब्रिटिश शासनकाल से पहले का मूल पाठ प्रस्तुत किया जाना चाहिए और तथ्यहीन बयानों से समाज में भ्रम एवं अशांति फैल सकती है। हंगामे के बीच सभापति ने मल्लिकार्जुन खड़गे के मनुस्मृति संबंधी बयान को सदन की कार्यवाही से हटाने (एक्सपंज) की घोषणा कर दी। सदन में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।