हीटवेव का बढ़ता खतरा, डॉ. अरुण कुमार सिंह ने बताया कैसे रखें खुद को सुरक्षित
- Post By Admin on May 22 2026
हेल्थ डेस्क : देशभर में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और हीटवेव के बीच होम्योपैथिक चिकित्सक एवं क्रॉनिक डिजीज एंड किडनी स्टोन विशेषज्ञ डॉ. अरुण कुमार सिंह ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने गर्मियों में चिलचिलाती धूप और लू से बचाव के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव जारी किए हैं।
डॉ. सिंह ने कहा कि गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी नहीं होने देना सबसे जरूरी है। उन्होंने सलाह दी कि प्यास न लगने पर भी हर आधे घंटे में थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहना चाहिए। शरीर में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए ओआरएस, नींबू पानी, नारियल पानी और छाछ का सेवन नियमित रूप से करना चाहिए। उन्होंने खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताते हुए कहा कि हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन लेना चाहिए। तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और संतरा जैसे मौसमी फलों का सेवन अधिक करना चाहिए, क्योंकि इनमें पानी की मात्रा अधिक होती है। वहीं ज्यादा मसालेदार, तली हुई और बासी चीजों से बचना चाहिए।
डॉ. सिंह ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि बाहर जाना जरूरी हो तो हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें तथा टोपी, छाता और यूवी प्रोटेक्टेड चश्मे का उपयोग करें। उन्होंने चेतावनी दी कि एसी या कूलर से निकलकर तुरंत तेज धूप में जाने से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं, यहां तक कि हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ सकता है। उन्होंने बच्चों और बुजुर्गों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की बात कही। डॉ. सिंह ने कहा कि बच्चों और बुजुर्गों में हीट स्ट्रोक का खतरा अधिक होता है, इसलिए उन्हें अधिक देर तक धूप में न रहने दें और समय-समय पर तरल पदार्थ देते रहें। यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, चक्कर आना, उल्टी, अत्यधिक पसीना आने के बाद त्वचा का सूख जाना या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराना चाहिए। पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि बढ़ती गर्मी और पर्यावरण असंतुलन को रोकने के लिए लोगों को अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने जन्मदिन या किसी खास अवसर पर कम से कम दो पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लेना चाहिए।
गर्मी और हीटवेव से बचाव के लिए डॉ. अरुण कुमार सिंह ने कुछ प्रमुख होम्योपैथिक दवाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि Glonoine 30 धूप के संपर्क में आने से होने वाले तेज सिरदर्द, धड़कन तेज होने और हीट स्ट्रोक जैसी स्थिति में उपयोगी मानी जाती है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर इस दवा की दो बूंद एक चम्मच पानी में मिलाकर सुबह और शाम सेवन करने की सलाह दी गई है। Natrum Carb 30 धूप में निकलने से पहले बचाव के रूप में ली जा सकती है, खासकर जब धूप में थकान और कमजोरी महसूस होती हो। इसके लिए दो बूंद दवा एक चम्मच पानी में मिलाकर सुबह और शाम लेने की सलाह दी गई है। डॉ. सिंह के अनुसार Belladonna 30 अचानक तेज धूप लगने, चेहरे पर लालिमा आने और सनस्ट्रोक की स्थिति में लाभकारी मानी जाती है। ऐसे लक्षण दिखने पर इसकी दो बूंद एक चम्मच पानी में मिलाकर दिन में सुबह और शाम सेवन किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि Selenium 30 धूप से लौटने के बाद होने वाली अत्यधिक थकान और कमजोरी को दूर करने में सहायक मानी जाती है। इसके लिए भी दो बूंद दवा एक चम्मच पानी में घोलकर सुबह और शाम लेने की सलाह दी गई है।
डॉ. अरुण कुमार सिंह ने लोगों से किसी भी गंभीर स्थिति में स्वयं इलाज करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेने और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) तथा भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।