आईएएस-आईपीएस की राह हुई कठिन, यूपीएससी ने 2026 के लिए बदले नियम
- Post By Admin on Feb 05 2026
नई दिल्ली : संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 की अधिसूचना जारी कर दी है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा के जरिए कुल 933 पदों पर आईएएस, आईपीएस, आईएफएस और आईआरएस समेत विभिन्न सेवाओं में नियुक्तियां की जाएंगी। इच्छुक अभ्यर्थी 24 फरवरी 2026 तक यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
इस बार आयोग ने पात्रता और प्रयासों (अटेम्प्ट) से जुड़े नियमों में कई अहम और सख्त बदलाव किए हैं, जिनका सीधा असर पहले से चयनित या कार्यरत अधिकारियों पर पड़ेगा।
नए नियमों के तहत जो उम्मीदवार पहले ही आईएएस या आईएफएस सेवा में चयनित होकर कार्यरत हैं, वे सिविल सेवा परीक्षा 2026 में शामिल नहीं हो सकेंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी अभ्यर्थी की नियुक्ति प्रारंभिक परीक्षा के बाद लेकिन मुख्य परीक्षा से पहले हो जाती है, तो उसे मुख्य परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं, यदि मुख्य परीक्षा के बाद और अंतिम परिणाम से पहले नियुक्ति मिलती है, तो उसे नई परीक्षा के आधार पर कोई सेवा आवंटित नहीं होगी।
भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के लिए भी नियम कड़े किए गए हैं। नए प्रावधानों के अनुसार, जो उम्मीदवार पहले से आईपीएस में चयनित या नियुक्त हैं, वे दोबारा आईपीएस कैडर पाने के पात्र नहीं होंगे। हालांकि, वे अपनी रैंक सुधारने के लिए परीक्षा दे सकते हैं, लेकिन आईपीएस सेवा उन्हें फिर से आवंटित नहीं की जाएगी।
यूपीएससी ने इस्तीफा और भविष्य की परीक्षाओं को लेकर भी नई व्यवस्था लागू की है। आयोग के अनुसार, सीएसई 2025 या उससे पहले चयनित उम्मीदवारों को एक बार बिना इस्तीफा दिए 2026 या 2027 की परीक्षा में बैठने की अनुमति होगी। लेकिन 2028 या उसके बाद परीक्षा देने के लिए वर्तमान सेवा से इस्तीफा देना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा, जो उम्मीदवार 2026 में चयनित होकर 2027 में फिर परीक्षा देना चाहते हैं, उन्हें प्रशिक्षण से छूट के लिए विभागीय अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति प्रशिक्षण छोड़ने की स्थिति में उनका सेवा आवंटन रद्द किया जा सकता है।
यूपीएससी का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाना, दोहराव रोकना और योग्य उम्मीदवारों को समान अवसर देना है। नए नियमों से सिविल सेवा परीक्षा की प्रक्रिया और अधिक अनुशासित और प्रतिस्पर्धी होने की उम्मीद ताई जा रही है।