कला के क्षेत्र में बिहार का डंका, राष्ट्रपति ने 3 दिग्गज कलाकारों को दिया राष्ट्रीय सम्मान

  • Post By Admin on Aug 15 2026
कला के क्षेत्र में बिहार का डंका, राष्ट्रपति ने 3 दिग्गज कलाकारों को दिया राष्ट्रीय सम्मान

नई दिल्ली : कला और संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए बिहार के तीन प्रतिष्ठित कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में वर्ष 2024 और 2025 के संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप एवं पुरस्कार प्रदान किए। देशभर के 108 कलाकारों को दिए गए सम्मान में बिहार के तीन कलाकार भी शामिल रहे।

सम्मानित होने वाले बिहार के कलाकारों में मैथिली रंगमंच के वरिष्ठ रंगकर्मी एवं निर्देशक शिव नारायण झा उर्फ कुणाल, चर्चित अभिनेता-निर्देशक सुरेश कुमार हज्जू और मिथिला की पारंपरिक लोक वाद्य शैली ‘रसनचौकी’ के कलाकार एवं गुरु महेन्द्र राम शामिल हैं। तीनों कलाकारों ने कला के क्षेत्र में चार से पांच दशकों तक उल्लेखनीय योगदान दिया है।

शिव नारायण झा उर्फ कुणाल मैथिली रंगमंच के वरिष्ठतम रंगकर्मियों में शामिल हैं। उन्होंने मैथिली नाटकों में प्रयोग और नवीन नाट्य शैली ‘कीर्तनिया’ को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। रंगमंच के क्षेत्र में उनके लंबे योगदान को देखते हुए उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

सुरेश कुमार हज्जू अभिनेता और निर्देशक के रूप में अपनी अलग पहचान रखते हैं। वे विशाल नाट्य मंच, निर्माण कला मंच और एचएमटी, पटना जैसे रंगमंचीय संस्थानों के संस्थापकों में शामिल रहे हैं। ‘बिदेसिया का बटोही’, ‘बकरी का दुर्जन सिंह’ और महात्मा गांधी की भूमिका सहित कई चर्चित किरदारों के जरिए उन्होंने रंगमंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।

वहीं, मधुबनी जिले के निवासी महेन्द्र राम मिथिला की पारंपरिक लोक संगीत शैली ‘रसनचौकी’ के चर्चित कलाकार और गुरु हैं। वे पिछले करीब 55 वर्षों से रसनचौकी वादन की साधना कर रहे हैं। इस पारंपरिक लोक वाद्य शैली को देशभर में पहचान दिलाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है।

समारोह में संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष डॉ. संध्या पुरेचा, संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तीनों कलाकारों को अपने हाथों सम्मान प्रदान किया। संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार के तहत कलाकारों को ताम्रपत्र, प्रशस्ति पत्र और एक-एक लाख रुपए की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। बिहार के तीन कलाकारों को देश के सर्वोच्च सांस्कृतिक सम्मानों में शामिल इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया जाना राज्य के कला और सांस्कृतिक जगत के लिए गौरव का विषय है।