आरएमएलएस कॉलेज में गूंजे विश्वविद्यालय विधेयक विरोधी नारे, कानून वापस लेने की मांग
- Post By Admin on Aug 14 2026
मुजफ्फरपुर : बिहार सरकार के प्रस्तावित विश्वविद्यालय विधेयक 2026 के विरोध में डॉ. राम मनोहर लोहिया स्मारक महाविद्यालय (आरएमएलएस कॉलेज), मुजफ्फरपुर में शिक्षकों और कर्मचारियों का आंदोलन तेज हो गया है। शिक्षक संघ के आह्वान पर शुक्रवार को लगातार पांचवें दिन भी महाविद्यालय परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों और कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए विधेयक को वापस लेने की मांग की। आंदोलन का नेतृत्व महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार साह और सचिव डॉ. नन्हे कुमार ने किया। दोनों नेताओं ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक उच्च शिक्षा के हित में नहीं है और इसे वापस लिया जाना चाहिए।
विरोध प्रदर्शन में डॉ. एच. पी. यादव, डॉ. रंजना कुमारी, डॉ. कुमारी रेखा, डॉ. मुकेश सरदार, डॉ. राफीउल्लाह अंसारी, डॉ. बैद्यनाथ राम, डॉ. संजय कुमार, डॉ. सैयद अबुजर अली, डॉ. अनामिका, डॉ. बसंत लाल, डॉ. दिनकर सिंह चौहान और डॉ. सतीश चंद्र पटेल सहित बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए। प्रदर्शनकारी शिक्षकों का आरोप है कि बिहार सरकार उच्च शिक्षा व्यवस्था में सुधार के नाम पर विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को अत्यधिक सरकारी नियंत्रण में लाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने इस विधेयक को ‘शिक्षा विरोधी’ बताते हुए कहा कि इससे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता प्रभावित होगी और शैक्षणिक वातावरण पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
शिक्षक नेताओं ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विश्वविद्यालय विधेयक 2026 को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि चरणबद्ध तरीके से विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर राज्यव्यापी आंदोलन भी किया जाएगा। आरएमएलएस कॉलेज में चल रहे इस आंदोलन को लेकर शिक्षकों के बीच व्यापक एकजुटता दिखाई दे रही है। महाविद्यालय परिसर में लगातार हो रहे प्रदर्शन के कारण विश्वविद्यालय विधेयक को लेकर बहस और तेज हो गई है।