एलपीजी रिफिल बुकिंग के नियमों में बदलाव की खबरें भ्रामक, मंत्रालय ने किया खंडन

  • Post By Admin on Mar 26 2026
एलपीजी रिफिल बुकिंग के नियमों में बदलाव की खबरें भ्रामक, मंत्रालय ने किया खंडन

नई दिल्ली : एलपीजी सिलेंडर की रिफिल बुकिंग की समय-सीमा में बदलाव को लेकर सोशल मीडिया और कुछ खबरों में चल रही चर्चाओं पर केंद्र सरकार ने स्पष्टिकरण जारी किया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि एलपीजी रिफिल बुकिंग के नियमों में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है और पुरानी व्यवस्था ही लागू है।

मंत्रालय के अनुसार हाल के दिनों में कुछ समाचार रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्टों में दावा किया जा रहा था कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत एलपीजी रिफिल बुकिंग के लिए 45 दिन, जबकि नॉन-पीएमयूवाई सिंगल सिलेंडर के लिए 25 दिन और डबल सिलेंडर के लिए 35 दिन की नई समय-सीमा लागू की गई है। मंत्रालय ने इन दावों को पूरी तरह भ्रामक और गलत बताया है।

सरकार ने स्पष्ट किया कि मौजूदा नियमों के अनुसार एलपीजी रिफिल बुकिंग की समय-सीमा शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन ही है। यह नियम सभी प्रकार के कनेक्शन पर समान रूप से लागू होता है।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह की अफवाहों पर विश्वास न करें और न ही उन्हें आगे फैलाएं। साथ ही घबराहट में गैस सिलेंडर की अनावश्यक बुकिंग से बचने की भी सलाह दी गई है।

मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि देश में एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसी तरह की कमी की स्थिति नहीं है। जानकारी के अनुसार देश की सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और सोमवार तक करीब 18,700 टन कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति की जा चुकी है।

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देशभर में पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है तथा एक लाख से अधिक पेट्रोल पंप सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन का तेजी से विस्तार किया जा रहा है और एक ही दिन में करीब 7,500 नए कनेक्शन जारी किए गए हैं।

सरकार ने कहा कि एलपीजी की आपूर्ति को और मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और नए स्रोतों को भी जोड़ा जा रहा है। राज्यों को वितरण व्यवस्था की निगरानी और आपूर्ति प्रणाली को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि गैस सप्लाई पूरी तरह सुचारू बनी रहे।