जामनगर बनेगा हाइपरस्केल AI हब, रिलायंस और Meta का ऐतिहासिक समझौता

  • Post By Admin on Jun 11 2026
जामनगर बनेगा हाइपरस्केल AI हब, रिलायंस और Meta का ऐतिहासिक समझौता

मुंबई : भारत के डिजिटल और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) क्षेत्र को नई ऊंचाई देने की दिशा में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और Meta ने एक महत्वपूर्ण साझेदारी की घोषणा की है। दोनों कंपनियां गुजरात के जामनगर में 168 मेगावाट क्षमता वाला अत्याधुनिक AI-एनेबल्ड डेटा सेंटर विकसित करेंगी, जिसे अगले दो वर्षों में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना के तहत रिलायंस डेटा सेंटर के डिजाइन, निर्माण, बिजली आपूर्ति, नेटवर्क कनेक्टिविटी, रिन्युएबल एनर्जी प्रबंधन और संचालन संबंधी सभी सेवाओं की जिम्मेदारी संभालेगी। इस तरह रिलायंस Meta के लिए एंड-टू-एंड इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर की भूमिका निभाएगी।

बताया गया है कि यह भारत में Meta का पहला ‘बिल्ट-टू-सूट’ डेटा सेंटर होगा, जिसे कंपनी की विशिष्ट जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जाएगा। इससे Meta की AI आधारित सेवाओं, बड़े पैमाने की कंप्यूटिंग क्षमता और डिजिटल कारोबार को मजबूती मिलेगी। जामनगर को इस परियोजना के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान माना जा रहा है। यहां रिन्युएबल एनर्जी की उपलब्धता, पर्याप्त जल संसाधन, जियो का विस्तृत फाइबर नेटवर्क तथा पश्चिमी तट पर समुद्री इंटरनेट केबल लैंडिंग स्टेशनों की निकटता जैसी कई सुविधाएं मौजूद हैं। डेटा सेंटर को मुख्य रूप से रिन्युएबल एनर्जी से संचालित किया जाएगा तथा कूलिंग सिस्टम के लिए शुद्ध किए गए समुद्री जल का उपयोग किया जाएगा।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश डी. अंबानी ने इस साझेदारी को भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि रिलायंस विश्वस्तरीय डिजिटल सुविधाओं के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, जो भारत ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर AI नवाचार को गति देंगी। उनके अनुसार जामनगर भविष्य में हाइपरस्केल AI कंप्यूटिंग का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। वहीं Meta के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि कंपनी भारत में अपना पहला AI-एनेबल्ड डेटा सेंटर रिलायंस के साथ स्थापित करने को लेकर उत्साहित है। उन्होंने कहा कि जामनगर में विकसित होने वाली यह विश्वस्तरीय सुविधा Meta की वैश्विक AI क्षमता को विस्तार देने के साथ-साथ भारत में उसके दीर्घकालिक निवेश को भी मजबूती प्रदान करेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना भारत को वैश्विक AI इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगी। साथ ही यह पहल भारत सरकार की उस रणनीति के अनुरूप है, जिसमें डेटा सेंटर को रणनीतिक राष्ट्रीय अवसंरचना के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।