सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप का यू-टर्न, तीन शहरों से नेशनल गार्ड हटाने का ऐलान
- Post By Admin on Jan 01 2026
वाशिंगटन : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शिकागो, लॉस एंजिल्स और पोर्टलैंड से नेशनल गार्ड हटाने की घोषणा की है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब कुछ दिन पहले अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल गार्ड की तैनाती को लेकर ट्रंप प्रशासन के खिलाफ निर्णय सुनाया था।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर कहा कि इन शहरों में नेशनल गार्ड की मौजूदगी से अपराध पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया था। उन्होंने दावा किया कि यदि संघीय सरकार ने हस्तक्षेप नहीं किया होता, तो शिकागो, लॉस एंजिल्स और पोर्टलैंड की स्थिति और खराब हो जाती। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि अगर इन इलाकों में दोबारा अपराध बढ़ता है, तो संघीय सरकार और सख्त कदमों के साथ लौटेगी।
अपने बयान में ट्रंप ने इन शहरों के डेमोक्रेट मेयरों और गवर्नरों को “बेहद अक्षम” करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि डेमोक्रेट शासित राज्यों और शहरों में अपराध लगातार बढ़ रहा है, जिसके चलते नेशनल गार्ड की तैनाती जरूरी हो गई थी।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, यह घोषणा सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिकागो में इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (आईसीई) एजेंटों की सुरक्षा के लिए नेशनल गार्ड भेजने की ट्रंप प्रशासन की योजना को रोकने के कुछ ही दिनों बाद सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से प्रशासन की मांग को खारिज करते हुए कहा था कि सरकार इलिनोइस में सेना को कानून लागू करने की अनुमति देने वाले अधिकार का स्पष्ट आधार प्रस्तुत नहीं कर सकी।
इस विवाद की शुरुआत 4 अक्टूबर से मानी जाती है, जब ट्रंप ने इलिनोइस नेशनल गार्ड के 300 जवानों को संघीय सेवा में बुलाकर शिकागो और आसपास के इलाकों में तैनात करने का आदेश दिया था। इसके बाद टेक्सास नेशनल गार्ड के कुछ जवानों को भी संघीय नियंत्रण में लेकर शिकागो भेजा गया। हालांकि, 9 अक्टूबर को इलिनोइस के उत्तरी जिला न्यायालय ने इस पर अस्थायी रोक लगा दी थी, जिसे 16 अक्टूबर को सेवेंथ सर्किट की अपीलीय अदालत ने बरकरार रखा।
डेमोक्रेट नेताओं ने ट्रंप प्रशासन के इन कदमों को राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया है, जबकि ट्रंप लगातार कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाने की बात कहते रहे हैं।