भारत-चीन व्यापारिक रिश्तों को नई रफ्तार, सिल्क रूट से सीमा व्यापार दोबारा शुरू
- Post By Admin on Aug 03 2026
नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच छह वर्षों से बंद सीमा व्यापार एक बार फिर शुरू हो गया है। उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे और सिक्किम के नाथू ला दर्रे के माध्यम से दोनों देशों के बीच सीमापार व्यापार दोबारा बहाल कर दिया गया है। कोरोना महामारी के दौरान बंद हुआ यह व्यापार अब पुराने सिल्क रूट के जरिए फिर से संचालित होगा, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
नाथू ला दर्रे से सीमा व्यापार पहली बार 6 जुलाई 2006 को शुरू हुआ था। यह ऐतिहासिक सिल्क रूट सदियों से भारत और तिब्बत (चीन) के बीच व्यापार का प्रमुख मार्ग रहा है। नई व्यवस्था के तहत यह मार्ग हर वर्ष मई से नवंबर तक लगभग छह महीने खुला रहेगा। नई गाइडलाइन के अनुसार सीमा व्यापार सप्ताह में चार दिन, सोमवार से गुरुवार तक संचालित होगा। इस दौरान केवल अधिकृत एवं पंजीकृत व्यापारी ही कारोबार कर सकेंगे। एक व्यापारिक सत्र में करीब 400 व्यापारियों को परमिट जारी किए जाने की योजना है। दोनों देशों ने फिलहाल 36 स्वीकृत वस्तुओं की मौजूदा सूची को बरकरार रखा है। चीन (तिब्बत) से रेडीमेड कपड़े, जूते, याक से जुड़े उत्पाद, मक्खन, बोरेक्स, बकरियां, रजाइयां और ऊनी सामान का आयात किया जाएगा, जबकि भारत से कृषि उत्पाद, चाय, कॉफी और अन्य स्वीकृत स्थानीय वस्तुओं का निर्यात होगा।
लंबे समय तक बंद रहने और कठोर मौसम से प्रभावित नाथू ला इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट की मरम्मत कर इसे दोबारा चालू किया गया है। व्यापारिक गतिविधियों की सुरक्षा और संचालन के लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की महिला जवानों की एक पूरी टुकड़ी भी तैनात की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा व्यापार दोबारा शुरू होने से सिक्किम, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर के सीमावर्ती क्षेत्रों में रोजगार, स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही भारत और चीन के बीच सीमित स्तर पर व्यापारिक संपर्क भी फिर से मजबूत होने की संभावना है।