भारत-नेपाल रेल व्यापार में नए अध्याय की शुरुआत
- Post By Admin on Jul 30 2026
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने भारत-नेपाल व्यापारिक संबंधों में एक नई उपलब्धि हासिल करते हुए कोलकाता पोर्ट से नेपाल के विराटनगर कस्टम यार्ड तक पहली सीधी वाणिज्यिक कंटेनर मालगाड़ी का सफल संचालन किया है। संशोधित भारत-नेपाल रेल ट्रांजिट प्रोटोकॉल के तहत संचालित यह पहली ट्रेन दोनों देशों के बीच सीमा पार माल ढुलाई के क्षेत्र में एक नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है।
रेल मंत्रालय के अनुसार, इस कंटेनर ट्रेन में 40 वैगन लगाए गए थे, जिनमें कैनोला (Canola) की खेप नेपाल भेजी गई। नई व्यवस्था के तहत अब कोलकाता पोर्ट से कंटेनरों में लदा माल बिना किसी ट्रांसशिपमेंट के सीधे रेल मार्ग से विराटनगर कस्टम यार्ड तक पहुंच सकेगा। अब तक सीमा पर माल को एक माध्यम से दूसरे माध्यम में स्थानांतरित करना पड़ता था, जिससे समय और लागत दोनों बढ़ जाती थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद माल की बार-बार हैंडलिंग की आवश्यकता समाप्त होगी। इससे परिवहन प्रक्रिया अधिक तेज, सुरक्षित और विश्वसनीय बनेगी, वहीं लॉजिस्टिक्स लागत में भी कमी आने की उम्मीद है। रेल मंत्रालय का कहना है कि इस सीधी मालगाड़ी सेवा से आयात और निर्यात दोनों को बड़ा लाभ मिलेगा। माल कम समय में और कम लागत पर अपने गंतव्य तक पहुंचेगा। साथ ही रेल परिवहन को बढ़ावा मिलने से पर्यावरण के अनुकूल माल ढुलाई प्रणाली को भी मजबूती मिलेगी।
अधिकारियों के अनुसार, संशोधित भारत-नेपाल रेल ट्रांजिट प्रोटोकॉल लागू होने के बाद यह पहली बड़ी उपलब्धि है। इससे दोनों देशों के बीच 'एंड-टू-एंड' यानी शुरुआत से अंतिम गंतव्य तक सीधी रेल माल ढुलाई का मार्ग प्रशस्त हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से भारत और नेपाल के बीच व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। सीमा पार माल परिवहन पहले की तुलना में अधिक तेज, किफायती और प्रतिस्पर्धी बनेगा, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक संबंध और मजबूत होने की संभावना है।