बिहार में अपार्टमेंट सोसाइटी के लिए नया नियम, पंजीकरण होगा अनिवार्य
- Post By Admin on Aug 14 2026
पटना : बिहार सरकार ने शहरी क्षेत्रों में संचालित अपार्टमेंट सोसाइटी के संचालन और प्रबंधन को व्यवस्थित करने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। अब राज्य के सभी अपार्टमेंट सोसाइटी का पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा और इन्हें सहकारिता विभाग के अधीन लाने की तैयारी की जा रही है।
सहकारिता सचिव धर्मेन्द्र सिंह ने सूचना भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि इस व्यवस्था को लागू करने के लिए सहकारिता विभाग नगर विकास एवं आवास विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि पंजीकरण अनिवार्य होने से अपार्टमेंट सोसाइटी के संचालन में पारदर्शिता बढ़ेगी और उनके प्रबंधन को एक निर्धारित कानूनी ढांचे के भीतर लाया जा सकेगा। धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि शहरीकरण के बढ़ते दायरे के साथ अपार्टमेंट संस्कृति तेजी से विकसित हो रही है। ऐसे में सोसाइटी के रखरखाव, वित्तीय प्रबंधन, साझा सुविधाओं के उपयोग और निवासियों के अधिकारों से जुड़े मामलों को सुव्यवस्थित करने के लिए स्पष्ट व्यवस्था आवश्यक हो गई है। पंजीकरण प्रक्रिया लागू होने के बाद सहकारिता विभाग इन सोसाइटी की निगरानी भी करेगा।
प्रेस वार्ता में सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने राज्य की बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनर्जीवित करने की दिशा में सरकार की पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मधुबनी जिले के सकरी में बंद पड़ी चीनी मिल की जमीन पर नए सहकारी चीनी मिल की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा दरभंगा के रैयाम में आदर्श शुगर कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि अपार्टमेंट सोसाइटी के अनिवार्य पंजीकरण से शहरी आवासीय व्यवस्था अधिक जवाबदेह और संगठित बनेगी, जबकि सहकारी चीनी मिलों की पुनर्स्थापना से किसानों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।