बिहार के खनिज भंडार पर सरकार की नजर, नवंबर तक 5 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य
- Post By Admin on Aug 18 2026
पटना : बिहार सरकार ने राज्य की खनिज संपदाओं के बेहतर इस्तेमाल और खनन क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य में मौजूद खनिज संसाधनों से सालाना करीब 6 से 7 हजार करोड़ रुपए का राजस्व मिलने की उम्मीद है। सरकार इस राजस्व का उपयोग राज्य के विकास और जनता के हित में करेगी।
मुख्यमंत्री सोमवार को पटना में कोयला एवं खनन मंत्रालय की ओर से आयोजित महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी एवं एनएमईडीटी कार्यशाला के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में गया और रोहतास के तीन ब्लॉकों समेत देश के कुल 20 खनिज ब्लॉकों की नीलामी पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में खनिज संसाधनों की कमी नहीं है। रोहतास में लाइम स्टोन, जहानाबाद और जमुई में मैग्नेट तथा औरंगाबाद, गया, बांका और भागलपुर में खनिजों के बड़े संसाधन मौजूद हैं। इनका व्यवस्थित तरीके से दोहन कर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि खनिज संपदा का किसी भी स्तर पर दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा।
सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य में खनिज केंद्र स्थापित करने के साथ नवंबर तक 5 लाख करोड़ रुपए के निवेश लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है। कई खनिज ब्लॉकों के टेंडर हो चुके हैं, जबकि कुछ की प्रक्रिया जारी है। खनिज ब्लॉक आवंटन के बाद रिकॉर्ड नौ महीने में खनन कार्य पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पत्थर के 44 ब्लॉकों में से 28 में सर्वे का काम आगे बढ़ चुका है। 30 सितंबर से पहले 30 से अधिक ब्लॉकों का आवंटन कर दिया जाएगा और 15 अक्टूबर से खनन कार्य शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने निवेशकों से बिहार में निर्भीक होकर निवेश करने की अपील करते हुए कहा कि सरकार उन्हें हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि खनिज संसाधनों का उपयोग राज्य के विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने में किया जाएगा। कार्यक्रम में खनन एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, खान मंत्रालय के संयुक्त सचिव कदम संदीप वसंत, निदेशक आशीष सक्सेना, खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अवनीश कुमार सिंह समेत अन्य वरीय अधिकारी मौजूद रहे।