समुद्र की गहराइयों में ऊर्जा की तलाश: तेल-गैस खोज के लिए ₹80,000 करोड़ की मेगा तैयारी
- Post By Admin on Jul 28 2026
नई दिल्ली : वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और ईरान-अमेरिका तनाव से उत्पन्न तेल एवं गैस आपूर्ति संकट के बीच केंद्र सरकार देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। मोदी सरकार गहरे समुद्र में तेल और गैस के नए भंडार तलाशने के लिए लगभग ₹80,000 करोड़ के विशेष प्रोत्साहन पैकेज पर काम कर रही है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा तैयार किए जा रहे इस प्रस्ताव का उद्देश्य डीपवॉटर और अल्ट्रा-डीपवॉटर क्षेत्रों में अन्वेषण गतिविधियों को तेज करना है। इसके तहत विदेशी और घरेलू ऊर्जा कंपनियों को आकर्षित करने के लिए सरकार खोजी कुओं की ड्रिलिंग लागत का बड़ा हिस्सा वहन करने की योजना बना रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह पहल "नेशनल डीपवॉटर एक्सप्लोरेशन मिशन" का हिस्सा है, जिसे प्रतीकात्मक रूप से ‘समुद्र मंथन’ कार्यक्रम कहा जा रहा है। योजना का लक्ष्य समुद्री क्षेत्रों में तेल और गैस की खोज को गति देना तथा आयातित ऊर्जा पर देश की निर्भरता को कम करना है।
प्रस्ताव के मुताबिक सरकार डीपवॉटर क्षेत्रों में खोजी कुओं की ड्रिलिंग लागत का 50 प्रतिशत तक प्रतिपूर्ति (रिइम्बर्समेंट) कर सकती है। माना जा रहा है कि इससे वैश्विक ऊर्जा कंपनियों का निवेश आकर्षित होगा और जोखिमपूर्ण माने जाने वाले समुद्री अन्वेषण क्षेत्रों में नई परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले वर्षों में लागू की गई नीतियों के बावजूद अपेक्षित विदेशी निवेश नहीं मिल पाया था। ऐसे में प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता आधारित यह मॉडल तेल एवं गैस क्षेत्र में निवेश बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है। फिलहाल इस प्रस्ताव पर विभिन्न मंत्रालयों के बीच विचार-विमर्श जारी है। अंतिम मंजूरी मिलने के बाद यह देश के ऊर्जा क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी प्रोत्साहन योजनाओं में से एक साबित हो सकती है।