अब आधार सेंटर के चक्कर खत्म, यूआईडीएआई के सुपर ऐप से घर बैठे होंगे सभी अपडेट

  • Post By Admin on Jan 29 2026
अब आधार सेंटर के चक्कर खत्म, यूआईडीएआई के सुपर ऐप से घर बैठे होंगे सभी अपडेट

नई दिल्ली : आधार कार्ड धारकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने अपने नए आधार ऐप का फुल वर्जन लॉन्च किया है, जिसे ‘सुपर ऐप’ के तौर पर देखा जा रहा है। यूआईडीएआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसकी आधिकारिक जानकारी दी है और कहा है कि यह ऐप आधार से जुड़ी सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल और आसान बना देगा। इसके लॉन्च के बाद करोड़ों यूजर्स को आधार सेवा केंद्रों की लंबी कतारों और बार-बार चक्कर लगाने की परेशानी से निजात मिलेगी।

इस नए सुपर ऐप का सबसे बड़ा फायदा मोबाइल नंबर अपडेट करने को लेकर है। अभी तक आधार में मोबाइल नंबर बदलने के लिए लोगों को नजदीकी आधार केंद्र जाना पड़ता था, जहां अक्सर भीड़, टोकन सिस्टम और कई बार तकनीकी समस्याओं के कारण घंटों इंतजार करना पड़ता था। लेकिन अब यूजर देश के किसी भी हिस्से से, सिर्फ अपने मोबाइल फोन के जरिए आधार में नया नंबर अपडेट कर सकेंगे। यह सुविधा खासतौर पर बुजुर्गों, नौकरीपेशा लोगों और ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।

यूआईडीएआई के मुताबिक, इस ऐप में केवल मोबाइल नंबर ही नहीं, बल्कि आने वाले समय में ईमेल आईडी अपडेट, पता बदलना, बायोमेट्रिक स्टेटस चेक करना, आधार डाउनलोड करना और वेरिफिकेशन हिस्ट्री देखने जैसी कई सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी। यानी एक ही ऐप के जरिए आधार से जुड़ी लगभग सभी जरूरी सेवाएं उपलब्ध होंगी।

सुरक्षा और गोपनीयता के लिहाज से भी यह ऐप पहले से ज्यादा एडवांस होगा। इसमें ‘मास्क्ड आधार’ की सुविधा दी गई है, जिसके जरिए यूजर अपना पूरा आधार नंबर, जन्मतिथि और पता छिपाकर सिर्फ जरूरी जानकारी ही साझा कर सकेंगे। इससे फर्जीवाड़े, डेटा लीक और पहचान की चोरी जैसे मामलों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा ऐप में मल्टी-लेयर सिक्योरिटी, ओटीपी वेरिफिकेशन और बायोमेट्रिक लॉक जैसी सुविधाएं भी शामिल की गई हैं।

नया आधार सुपर ऐप एंड्रॉयड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा। यूआईडीएआई का कहना है कि आने वाले कुछ हफ्तों में इसे चरणबद्ध तरीके से सभी यूजर्स के लिए रोलआउट किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि आधार से जुड़ी सेवाएं पूरी तरह पेपरलेस, कैशलेस और कॉन्टैक्टलेस हों, ताकि लोगों को कम से कम दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ें और समय व पैसे दोनों की बचत हो सके।