झारखंड छात्र आंदोलन बना राष्ट्रीय मुद्दा, संसद परिसर में भाजपा-कांग्रेस के बीच टकराव
- Post By Admin on Aug 11 2026
नई दिल्ली : झारखंड में छात्र आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज का मामला अब राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया है। मंगलवार को संसद परिसर में इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। NDA सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए संसद के मकर द्वार की ओर मार्च किया और कांग्रेस पर इस मुद्दे पर सदन में चर्चा से बचने का आरोप लगाया।
संसद परिसर में प्रदर्शन कर रहे NDA सांसदों के हाथों में विपक्ष के खिलाफ नारे लिखी तख्तियां थीं। सत्ता पक्ष का कहना था कि सरकार झारखंड छात्र आंदोलन और उससे जुड़ी हिंसा पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। भाजपा नेताओं ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह इस विषय पर सदन में जवाब देने को तैयार हैं, लेकिन विपक्ष चर्चा से बच रहा है।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “अमित शाह जी जवाब देंगे, राहुल गांधी भागना मत। झारखंड में छात्रों के ऊपर इतनी बर्बरता हुई है, शर्म करो।” उनके बयान के बाद संसद परिसर में राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने भी झारखंड में छात्रों पर हुए कथित अत्याचार का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि झारखंड के युवाओं को न्याय मिलना चाहिए और जिस तरह उनके साथ लाठीचार्ज हुआ, वह गंभीर चिंता का विषय है। ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं और सदन में चर्चा से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री जवाब देने के लिए तैयार हैं, लेकिन राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रही है।
इसी बीच कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा संसद पहुंचीं। NDA सांसदों के प्रदर्शन के दौरान जब उनसे झारखंड छात्र आंदोलन पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं की नारेबाजी के बीच कहा, “राहुल गांधी ने झारखंड के छात्रों से मुलाकात की है।” कांग्रेस इस मुद्दे को छात्रों के अधिकारों और उनके साथ हुई कथित बर्बरता से जोड़कर उठा रही है।
गौरतलब है कि रांची में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर छात्रों ने विधानसभा घेराव का प्रयास किया था। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच टकराव हुआ, जिसके बाद लाठीचार्ज, आंसू गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। कई छात्रों के घायल होने की खबरें सामने आई थीं। अब यह मामला झारखंड विधानसभा से निकलकर संसद तक पहुंच चुका है। एक ओर NDA सरकार की ओर से चर्चा और जवाब देने की तैयारी का दावा कर रहा है, वहीं विपक्ष इसे छात्रों के साथ अन्याय और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा बताकर सरकार पर हमला बोल रहा है। आने वाले दिनों में यह विवाद संसद और झारखंड की राजनीति दोनों में प्रमुख मुद्दा बना रह सकता है।