आतंकवाद पर भारत सख्त : पोलैंड से ठोस सहयोग और जीरो टॉलरेंस की मांग
- Post By Admin on Jan 20 2026
नई दिल्ली : भारत ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ अपनी सख्त नीति को दोहराते हुए पोलैंड से स्पष्ट सहयोग की अपील की है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में पोलैंड के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोर्स्की से मुलाकात के दौरान आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस अपनाने और भारत के पड़ोस में आतंकी ढांचे को बढ़ावा न देने की बात कही।
बैठक की शुरुआत में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत और पोलैंड के बीच संबंध लगातार मजबूत हुए हैं, लेकिन इन्हें निरंतर ध्यान और संवाद की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सिकोर्स्की भारत के क्षेत्रीय हालात से भली-भांति परिचित हैं और सीमा पार आतंकवाद भारत के लिए लंबे समय से एक गंभीर चुनौती रहा है। जयशंकर ने उम्मीद जताई कि पोलैंड इस मुद्दे पर भारत की चिंताओं को गंभीरता से समझेगा।
पोलैंड के उपप्रधानमंत्री की अक्टूबर 2025 में पाकिस्तान यात्रा का उल्लेख करते हुए जयशंकर ने परोक्ष रूप से उस संयुक्त बयान पर भी नाराजगी जताई, जिसमें कश्मीर का जिक्र किया गया था। भारत ने पहले ही इस बयान की कड़ी आलोचना की थी और स्पष्ट किया था कि जम्मू-कश्मीर उसका आंतरिक मामला है।
बैठक के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने यूक्रेन संघर्ष को लेकर भारत के रुख को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक उथल-पुथल के दौर में विभिन्न देशों के बीच विचारों और दृष्टिकोणों का आदान-प्रदान बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को चुनिंदा रूप से निशाना बनाना न केवल गलत, बल्कि अन्यायपूर्ण भी है।
द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा करते हुए जयशंकर ने कहा कि भारत और पोलैंड के बीच पारंपरिक रूप से मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं, जो हाल के वर्षों में उच्चस्तरीय राजनीतिक संवाद, मजबूत आर्थिक सहयोग और लोगों के बीच संपर्क से और सशक्त हुए हैं। उन्होंने अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोलैंड यात्रा का उल्लेख किया, जिसके दौरान दोनों देशों के संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था।
विदेश मंत्री ने बताया कि पोलैंड मध्य यूरोप में भारत के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में से एक है और दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 7 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है। इसके साथ ही पोलैंड में भारत का निवेश 3 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया है, जिससे वहां रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं।
जयशंकर ने कहा कि बैठक में एक्शन प्लान 2024-28 की समीक्षा की जाएगी, ताकि रणनीतिक साझेदारी की पूरी क्षमता का उपयोग किया जा सके। उन्होंने व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा तकनीक और डिजिटल इनोवेशन के क्षेत्र में सहयोग को और आगे बढ़ाने पर जोर दिया।