राफेल सौदे में भारत की सख्त शर्त, देसी मिसाइलों से लैस होंगे नए लड़ाकू विमान

  • Post By Admin on Apr 11 2026
राफेल सौदे में भारत की सख्त शर्त, देसी मिसाइलों से लैस होंगे नए लड़ाकू विमान

नई दिल्ली : भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता को और मजबूत बनाने के लिए भारत सरकार फ्रांस से 114 नए राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की बड़ी योजना पर तेजी से काम कर रही है। करीब 3.25 लाख करोड़ रुपए के इस रक्षा सौदे में भारत ने एक अहम शर्त रखी है कि इन विमानों में स्वदेशी मिसाइलों और हथियार प्रणालियों का पूर्ण समावेशन किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार यह सौदा “खरीदो और बनाओ” मॉडल के तहत किया जाएगा, जिसके अंतर्गत विदेशी तकनीक के साथ देश में ही विमानों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए तकनीकी समन्वय दस्तावेज को अंतिम रूप दिया जाएगा, ताकि भारतीय हथियार प्रणालियों को इन विमानों में बिना किसी तकनीकी बाधा के जोड़ा जा सके।

रक्षा मंत्रालय की ओर से अगले महीने फ्रांस की विमान निर्माता कंपनी डसॉल्ट को प्रस्ताव आमंत्रण जारी किए जाने की संभावना है। इसके बाद इस रक्षा अनुबंध को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू होगी। इससे पहले रक्षा अधिग्रहण परिषद ने 12 फरवरी को इस महत्वपूर्ण सौदे को अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी थी।

प्रस्ताव के अनुसार 18 राफेल लड़ाकू विमान फ्रांस से सीधे उड़ान की स्थिति में भारत को दिए जाएंगे, जबकि शेष 96 विमानों का निर्माण भारत में ही किया जाएगा। इन विमानों के निर्माण में 25 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी कलपुर्जों और सामग्री का उपयोग किया जाएगा, जिससे देश की रक्षा उत्पादन क्षमता को भी बढ़ावा मिलेगा।

हाल के दिनों में यह चर्चा सामने आई थी कि कंपनी ने विमान के गोपनीय सॉफ्टवेयर कोड साझा करने से इनकार कर दिया है, जिससे सौदे में बाधा आ सकती है। हालांकि रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने इन अटकलों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि कोई भी देश या कंपनी अपने लड़ाकू विमानों का मालिकाना सॉफ्टवेयर कोड साझा नहीं करती, क्योंकि यह उनकी बौद्धिक संपदा होती है।

इसी के साथ भारत दीर्घकालिक रक्षा रणनीति के तहत स्वदेशी रक्षा परियोजनाओं पर भी जोर दे रहा है। सरकार देश में विकसित हल्के लड़ाकू विमान ‘तेजस मार्क-1ए’ के उत्पादन को बढ़ाने के साथ-साथ लंबी दूरी की मिसाइलों और उन्नत मध्यम श्रेणी के लड़ाकू विमान परियोजना पर भी तेजी से काम कर रही है, ताकि भविष्य में विदेशी हथियारों पर निर्भरता को कम किया जा सके।