युद्धविराम के बाद भारत की कूटनीतिक पहल, विदेश मंत्री करेंगे यूएई का दौरा
- Post By Admin on Apr 08 2026
नई दिल्ली : अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा के बाद भारत ने इसका स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि इस कदम से पश्चिम एशिया क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित होने की उम्मीद है और जारी तनाव कम होगा।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत इस युद्धविराम का स्वागत करता है और आशा करता है कि इससे क्षेत्र में स्थिरता आएगी। मंत्रालय ने दोहराया कि मौजूदा संघर्ष को जल्द समाप्त करने के लिए संवाद और कूटनीति ही सबसे प्रभावी रास्ता है।
बयान में कहा गया कि इस संघर्ष के कारण लोगों को भारी पीड़ा झेलनी पड़ी है तथा वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। भारत ने उम्मीद जताई कि होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते समुद्री आवागमन और वैश्विक व्यापार का प्रवाह अब निर्बाध रूप से जारी रहेगा।
इधर, युद्धविराम की घोषणा के बाद भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर मॉरीशस और संयुक्त अरब अमीरात के दौरे पर जाएंगे। पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद यह किसी भारतीय मंत्री का पहला खाड़ी देश का दौरा होगा।
जानकारी के अनुसार एस जयशंकर 9 से 12 अप्रैल तक की यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान वह पहले हिंद महासागर सम्मेलन में भाग लेने के लिए मॉरीशस जाएंगे और उसके बाद संयुक्त अरब अमीरात का दौरा करेंगे। यूएई यात्रा के दौरान भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा प्रमुख एजेंडा रहेगा। उल्लेखनीय है कि संयुक्त अरब अमीरात हाल ही में ईरान के हमलों की चपेट में आया था, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था।