भारत ने अरुणाचल के 27 स्थानों को दी आधिकारिक पहचान, चीन ने कहा ‘एकतरफा कदम’

  • Post By Admin on Aug 11 2026
भारत ने अरुणाचल के 27 स्थानों को दी आधिकारिक पहचान, चीन ने कहा ‘एकतरफा कदम’

नई दिल्ली : भारत द्वारा अरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों के नाम आधिकारिक नक्शे में शामिल किए जाने के बाद भारत-चीन सीमा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। चीन ने इस कदम पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे तथाकथित “जांगनान” क्षेत्र में भारत की एकतरफा कार्रवाई बताया है।

भारत सरकार ने हाल ही में सर्वे ऑफ इंडिया के अद्यतन नक्शे में अरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों के नाम दर्ज किए हैं। इनमें चार पहाड़ी दर्रे और एक उच्च हिमालयी झील सहित कई महत्वपूर्ण भौगोलिक स्थलों को शामिल किया गया है। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य इन क्षेत्रों की सही पहचान सुनिश्चित करना तथा उनकी भौगोलिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्ता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह कदम भारत और चीन के बीच सीमा मामलों पर 6 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित 36वीं बैठक के कुछ दिन बाद उठाया गया है। इस कारण इसे कूटनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

चीन की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए कुछ चीनी विशेषज्ञों ने कहा है कि अरुणाचल प्रदेश को वे अपने तथाकथित “जांगनान” क्षेत्र का हिस्सा मानते हैं। उन्होंने भारत के इस कदम को दोनों देशों के बीच संबंध सुधारने के प्रयासों के विपरीत बताया है। उनका तर्क है कि नक्शों में नाम जोड़ने या बदलने से किसी क्षेत्र की कानूनी स्थिति स्वतः परिवर्तित नहीं होती।

भारतीय विशेषज्ञों का कहना है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है और देश को अपने प्रशासनिक तथा मानचित्रण संबंधी निर्णय लेने का पूर्ण अधिकार है। उनका मानना है कि आधिकारिक नक्शों का अद्यतन एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है और इसका उद्देश्य भौगोलिक सूचनाओं को अधिक सटीक बनाना होता है। भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को लेकर लंबे समय से मतभेद बने हुए हैं। दोनों देशों के बीच कई दौर की सैन्य और राजनयिक वार्ताएं हो चुकी हैं, लेकिन सीमा का अंतिम समाधान अभी तक नहीं निकल सका है।

विश्लेषकों का मानना है कि हालिया घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि सीमा विवाद से जुड़े मुद्दे दोनों देशों के संबंधों में अब भी संवेदनशील बने हुए हैं। आने वाले समय में इस विषय पर कूटनीतिक स्तर पर और चर्चाएं होने की संभावना जताई जा रही है।