डिफेंस सेक्टर में भारत की बड़ी छलांग, T-90 और सुखोई के उपकरण अब देश में बनेंगे
- Post By Admin on Aug 19 2026
नई दिल्ली: रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में भारत ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने रक्षा उत्पादों के स्वदेशी निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए छठी सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची (Positive Indigenisation List-PIL) जारी की है। इस सूची में 405 रक्षा वस्तुओं को शामिल किया गया है, जिनका अनुमानित व्यापार मूल्य करीब 3,070 करोड़ रुपये बताया गया है।
नई सूची के तहत टी-90 टैंक, सुखोई लड़ाकू विमान और युद्धपोतों सहित विभिन्न रक्षा प्लेटफॉर्म में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरणों और कलपुर्जों का निर्माण अब देश में करने पर जोर दिया जाएगा। इन वस्तुओं का इस्तेमाल हेलीकॉप्टर, टैंक, हल्के लड़ाकू विमान, रडार और मिसाइल प्रणालियों सहित कई सैन्य उपकरणों में किया जाता है। सरकार की योजना के अनुसार, सूची में शामिल रक्षा वस्तुओं की खरीद भारतीय कंपनियों से किए जाने को प्राथमिकता दी जाएगी। निर्धारित समय-सीमा के बाद संबंधित उपकरणों के विदेश से आयात पर रोक लगाकर घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इससे देश में रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ भारतीय उद्योगों और घरेलू आपूर्ति श्रृंखला को भी मजबूती मिलेगी। स्वदेशीकरण से विदेशी आयात पर निर्भरता कम करने और रक्षा क्षेत्र में तकनीकी क्षमता विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। पिछले पांच वर्षों के दौरान 15,700 से अधिक रक्षा वस्तुओं का सफलतापूर्वक स्वदेशीकरण किया जा चुका है। इससे करीब 9,000 करोड़ रुपये के आयात को घरेलू उत्पादन से प्रतिस्थापित किए जाने का अनुमान है।
इससे पहले सरकार पांच सकारात्मक स्वदेशीकरण सूचियां जारी कर चुकी है, जिनमें कुल 5,012 रक्षा उपकरणों एवं वस्तुओं को शामिल किया गया था। अब छठी सूची में 405 और वस्तुओं को जोड़ने के बाद रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण का दायरा और व्यापक होने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि रक्षा उपकरणों के घरेलू निर्माण से भारत की सैन्य तैयारियों को मजबूत करने के साथ-साथ देश के रक्षा उद्योग को भी नई गति मिलेगी। निजी कंपनियों, सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा इकाइयों और अन्य घरेलू विनिर्माताओं के लिए इससे नए अवसर पैदा होने की संभावना है।