मानसून की सक्रियता के बीच बढ़ा फ्लैश फ्लड का खतरा, छह राज्यों में अलर्ट
- Post By Admin on Sep 02 2026
नई दिल्ली : देश के कई हिस्सों में जारी भारी बारिश के बीच अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का खतरा बढ़ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 सितंबर 2026 की सुबह पूर्वी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और झारखंड के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों तथा आसपास के इलाकों के लिए फ्लैश फ्लड गाइडेंस जारी की है।
मौसम विभाग का यह बुलेटिन सुबह 6:50 बजे जारी किया गया, जो सुबह 11:30 बजे तक प्रभावी है। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि इन सभी राज्यों में बाढ़ आना तय है। चेतावनी का मतलब है कि चिन्हित संवेदनशील जलग्रहण क्षेत्रों में कम समय के भीतर तेज जलभराव या नदी-नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि की स्थिति बन सकती है।
पहाड़ी राज्यों में ज्यादा जोखिम
फ्लैश फ्लड सामान्य बाढ़ से अलग होती है। तेज बारिश के बाद पानी बहुत कम समय में निचले इलाकों, नालों और छोटी नदियों की ओर तेजी से बढ़ सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में ढलान के कारण पानी के बहाव की रफ्तार और बढ़ जाती है। ऐसे में नदी, नाले, पुल, रिवर-बेड और निचले इलाकों के आसपास जाना जोखिम भरा हो सकता है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के साथ अचानक जलप्रवाह और भूस्खलन का खतरा भी बढ़ जाता है। IMD ने हिमाचल प्रदेश में 2 और 3 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी दी है। वहीं, उत्तराखंड के कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
यूपी से झारखंड तक सक्रिय मानसूनी गतिविधियां
मौसम विभाग के अनुसार देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां अभी सक्रिय हैं। 2 सितंबर के मौसम बुलेटिन में पश्चिमी मध्य प्रदेश में 2 से 8 सितंबर, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 2 से 5 सितंबर तथा छत्तीसगढ़ में 2 से 4 सितंबर तक व्यापक बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
छत्तीसगढ़ में 2 सितंबर को बहुत भारी बारिश की चेतावनी भी दी गई है। लगातार बारिश के कारण जमीन की पानी सोखने की क्षमता कम हो सकती है। इसके बाद कम समय में होने वाली तेज बारिश से पानी तेजी से बहने लगता है, जिससे फ्लैश फ्लड का जोखिम बढ़ सकता है।
बिहार समेत निचले इलाकों में भी सतर्कता जरूरी
फ्लैश फ्लड गाइडेंस में पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ कई अन्य राज्यों के जलग्रहण क्षेत्रों को शामिल किया गया है। व्यापक मौसम पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
बिहार में भी भारी बारिश के बीच निचले इलाकों, नदी किनारे बसे क्षेत्रों और जलनिकासी की समस्या वाले शहरी क्षेत्रों में विशेष सतर्कता जरूरी है। तेज बारिश के बाद इन क्षेत्रों में अचानक जलभराव की स्थिति बन सकती है।
हालांकि, फ्लैश फ्लड चेतावनी पूरे राज्य के लिए एक समान खतरे का संकेत नहीं होती। यह विशेष जलग्रहण क्षेत्रों और उनके आसपास अचानक बाढ़ की संभावित स्थिति को लेकर जारी की जाती है। इसलिए स्थानीय प्रशासन और IMD के जिला-स्तरीय अलर्ट को प्राथमिकता देना जरूरी है।
फ्लैश फ्लड से बचने के लिए इन सावधानियों का रखें ध्यान
भारी बारिश या फ्लैश फ्लड की चेतावनी के दौरान नदी और नालों के पास जाने से बचना चाहिए तथा तेज बहाव को पार करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। सड़क पर पानी कम दिखाई देने पर भी वाहन लेकर उसमें उतरना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि पानी के नीचे सड़क क्षतिग्रस्त हो सकती है।
पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और ढलानों के नीचे रुकने से बचना चाहिए। लोगों को IMD और स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए। यदि अचानक पानी का स्तर बढ़ने लगे तो समय गंवाए बिना सुरक्षित और ऊंचे स्थान की ओर चले जाना चाहिए। फ्लैश फ्लड की स्थिति में कुछ मिनट भी बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं।