1 अक्टूबर से बदलेंगे बैंक FD के नियम, RBI के नए नियम का बड़े जमाकर्ताओं पर असर

  • Post By Admin on Jul 31 2026
1 अक्टूबर से बदलेंगे बैंक FD के नियम, RBI के नए नियम का बड़े जमाकर्ताओं पर असर

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग प्रणाली को अधिक मजबूत और जोखिम प्रबंधन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से बल्क टर्म डिपॉजिट (Bulk Term Deposit) से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से पूरे देश में लागू होंगे। इस बदलाव का सीधा प्रभाव बड़े कॉरपोरेट और संस्थागत जमाकर्ताओं पर पड़ेगा, जबकि आम बचतकर्ताओं और नियमित फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) धारकों को राहत मिलेगी।

आरबीआई के नए दिशानिर्देशों के अनुसार अब बैंक बल्क टर्म डिपॉजिट पर ब्याज दरें तय करते समय केवल जमा राशि, अवधि और समय से पहले निकासी की शर्तों को ही नहीं, बल्कि लिक्विडिटी कवरेज रेश्यो (LCR) को भी आधार बनाएंगे। इससे बैंक अपनी फंडिंग लागत और तरलता जोखिम का बेहतर प्रबंधन कर सकेंगे। अब तक बैंक बल्क डिपॉजिट पर ब्याज दरें मुख्य रूप से राशि के आकार और मैच्योरिटी अवधि के आधार पर तय करते थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यदि किसी बड़े डिपॉजिट से बैंक की लिक्विडिटी पर अधिक दबाव पड़ने की आशंका होगी, तो उसकी ब्याज दर भी उसी के अनुरूप निर्धारित की जाएगी।

लिक्विडिटी कवरेज रेश्यो (LCR) बैंकिंग क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण मानक है, जो यह सुनिश्चित करता है कि किसी भी आपात स्थिति में बैंक के पास पर्याप्त नकदी या उच्च गुणवत्ता वाली तरल परिसंपत्तियां उपलब्ध हों। आरबीआई का मानना है कि इस बदलाव से बैंकों की वित्तीय स्थिरता मजबूत होगी और अचानक बड़े पैमाने पर निकासी की स्थिति से बेहतर तरीके से निपटा जा सकेगा। हालांकि, आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि इस नई व्यवस्था का आम रिटेल ग्राहकों, छोटे बचतकर्ताओं और नियमित फिक्स्ड डिपॉजिट पर कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ेगा। उनके लिए मौजूदा व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी।